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MP Girish Bapat: केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा- सभी से थे बापट के दोस्ताना संबंध, किसी से नहीं रखते थे मनमुटाव

Sun, 16 Apr 2023 11:46 PM IST
वीरेंद्र शर्मा पीटीआई, पुणे
पीटीआई, पुणे Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Sun, 16 Apr 2023 11:46 PM IST
सार

गडकरी ने कहा, गिरीश बापट पुणे के एक मजबूत स्तंभ थे और उनमें अविश्वसनीय आत्मविश्वास था। हम आपातकाल के दौरान एक-दूसरे से मिले थे। उन्होंने सभी की परवाह की और कभी किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की। वह कभी जाति और धर्म में विश्वास नहीं करते थे।

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Union minister Nitin Gadkari said Girish Bapat friendly relations with all did not hold grudge against anyone
केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी

विस्तार

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पुणे के दिवंगत सांसद गिरीश बापट को याद करते हुए कहा कि उनके प्रतिद्वंद्वी दलों के नेताओं समेत सभी से दोस्ताना संबंध रहे। साथ ही उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। रविवार को गडकरी ने यह बात बापट को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक सभा में कही। बापट का लंबी बीमारी के चलते 29 मार्च को 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। 
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गडकरी ने कहा, गिरीश बापट पुणे के एक मजबूत स्तंभ थे और उनमें अविश्वसनीय आत्मविश्वास था। हम आपातकाल के दौरान एक-दूसरे से मिले थे। उन्होंने सभी की परवाह की और कभी किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की। वह कभी जाति और धर्म में विश्वास नहीं करते थे। उन्हें हमेशा खाना बनाना पसंद था और मुझे कई बार खाने पर बुलाया। बापट ने कठिन समय में पार्टी के लिए कड़ी मेहनत की। पुणे के अलावा, उन्होंने कई अन्य जिलों में काम किया। वह एक स्वतंत्र नेता थे और हमेशा आम लोगों के लिए उपलब्ध रहते थे। 
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शोक सभा में श्रद्धांजलि  देने पहुंचे दिग्गज नेता
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता प्रकाश जावड़ेकर और चंद्रकांत पाटिल, राज्य मंत्री उदय सामंत और अन्य नेता भी शोक सभा में उपस्थित थे।
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कांग्रेस के गढ़ में बापट की वजह से भाजपा ने की सेंधमारी
पुणे शहर में भाजपा को मजबूत करने का श्रेय बापट को जाता है। यह कभी कांग्रेस का गढ़ था। बापट के राजनीतिक विभाजन के नेताओं के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध थे और राज्य की सांस्कृतिक राजधानी के आम लोगों के साथ घनिष्ठ संबंध थे। वह 2019 में लोकसभा सांसद चुने जाने से पहले पांच बार कस्बा पेठ विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे।


आरएसएस के साथ किया काम 
3 सितंबर, 1950 को पुणे जिले के तलेगांव दाभाडे में जन्मे बापट ने अपने शुरुआती वर्षों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ काम किया। आपातकाल (1975-77) के दौरान वे 19 महीने नासिक जेल में बंद रहे। बापट 1983 में पार्षद बने और 12 साल बाद पुणे शहर के कस्बा पेठ से विधानसभा के लिए चुने गए। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (2014-19) के मंत्रिमंडल में खाद्य, नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता संरक्षण, खाद्य और औषधि प्रशासन और संसदीय मामलों के मंत्री के रूप में कार्य किया।
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