वायु तूफान से निपटने के लिए अमित शाह ने की बैठक, सेना को तैनात रहने का दिया निर्देश
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात तूफान 'वायु' से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए संबंधित राज्य और केंद्रीय मंत्रालयों और एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की है। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को सुनिश्चित करने के लिए संभव उपाय खोजने के निर्देश दिए। भारतीय तटरक्षक बल, नौसेना, थल सेना और वायु सेना की इकाइयां निगरानी के लिए तैनात कर दी गई हैं।
HM directed senior officers to take possible measures to ensure that ppl are safely evacuated; also directed for 24*7 functioning of control rooms. Indian Coast Guard, Navy, Army & Air Force units put on standby&surveillance aircraft & helicopters carrying out aerial surveillance https://t.co/2PvfVTDKEG
— ANI (@ANI) June 11, 2019विज्ञापन
इससे पहले भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को बताया कि अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण चक्रवाती तूफान 'वायु' तेज हो गया है। विभाग के मुताबिक अब ये तूफान गुजरात की ओर बढ़ रहा है। गुजरात के तटीय इलाकों में चक्रवात का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग द्वारा मंगलवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, सुदूर समुद्र में हवा के कम दबाव का क्षेत्र तेजी से बनने के कारण ‘वायु’ के 13 जून को गुजरात के तटीय इलाकों पोरबंदर और कच्छ क्षेत्र में पहुंचने की संभावना है।
विभाग ने अगले 24 घंटों में चक्रवाती तूफान के और अधिक गंभीर रूप धारण करने की संभावना व्यक्त करते हुये कहा कि उत्तर की ओर बढ़ता ‘वायु’ 13 जून को सुबह गुजरात के तटीय इलाकों में पोरबंदर से महुवा, वेरावल और दीव क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसकी गति 115 से 130 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। इसे देखते हुये गुजरात सरकार ने भी ‘हाई अलर्ट’ जारी करते हुये सौराष्ट्र और कच्छ इलाकों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के जवानों को तैनात किया है।
तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। साथ ही बंदरगाहों को खतरे के संकेत और सूचना जारी करने को कहा गया है। बता दें कम दबाव वाले क्षेत्र ने गर्म समुद्री हवाओं की वजह से सोमवार को डिप्रेशन का रूप ले लिया था जो मंगलवार को चक्रवात में बदल गया। इस चक्रवाती तूफान का नाम वायु है, जो कि भारत द्वारा ही दिया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि गुरुवार तक 'वायु' तूफान अपने चरम पर होगा।
विभाग ने संभावना जताई है कि 11 जून को लक्षद्वीप और पूर्व-मध्य अरब सागर में ऊंची-ऊंची लहरें उठ सकती हैं। आईएमडी मुंबई के डीडीजीएम केएस होसालिकर का कहना है कि मुंबई भी चक्रवाती तूफान वायु से प्रभावित होगा, लेकिन गंभीर रूप से नहीं। बुधवार को तूफान मुंबई के तट पर आ सकता है। तट के आसपास रहने वाले लोगों और मछुआरों के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है।