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Single-Use Plastic Ban: प्लास्टिक पर बैन की समय सीमा नहीं बढ़ेगी, केंद्रीय मंत्री बोले- पर्याप्त समय दे चुके
Tue, 28 Jun 2022 10:15 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Tue, 28 Jun 2022 10:15 PM IST
सार
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने कहा कि 1 जुलाई, 2022 तक 19 चिन्हित सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की अधिसूचना अगस्त 2021 में जारी की गई थी। हमने सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की तैयारी के लिए पर्याप्त समय दिया है।
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भाजपा नेता भूपेंद्र यादव
- फोटो : ANI
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विस्तार
सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन को लेकर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को स्थिति साफ करते हुए एलान किया है कि बैन को 1 जुलाई से लागू होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने उद्योगपतियों और आम जनता को सिंगल यूज प्लास्टिक (एसयूपी) वस्तुओं पर प्रतिबंध की तैयारी के लिए पर्याप्त समय दिया है और वह इसमें सभी के सहयोग की उम्मीद करती है। इसे 1 जुलाई से लागू किया जा रहा है। दरअसल, उनसे कुछ उद्योगपतियों ने और समय देने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा था कि वे अभी इसके लिए तैयार नहीं हैं।
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हमने दिया तैयारी के लिए पर्याप्त समय
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने कहा कि 1 जुलाई, 2022 तक 19 चिन्हित सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की अधिसूचना अगस्त 2021 में जारी की गई थी। हमने एसयूपी वस्तुओं को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की तैयारी के लिए पर्याप्त समय दिया है। हमने उन्हें (एसयूपी वस्तुओं में काम करने वालों को)भविष्य के लिए निश्चितता दी है।उन्हें समझा दिया और उनमें से अधिकांश इसका समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने उद्योगों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की है। सरकार को सिंगल यूज वाली प्लास्टिक वस्तुओं को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने में उनसे सहयोग की उम्मीद है।
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पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम (ईपीए) के तहत 19 एसयूपी वस्तुओं को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की अधिसूचना जारी की गई थी। अब 1 जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक वाली इन 19 वस्तुओं का प्रयोग पर प्रतिबंल लागू हो जाएगा। इसके उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें अधिनियम की धारा 15 के तहत जुर्माना या जेल की अवधि शामिल है।
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गौरतलब है कि पिछले साल 12 अगस्त को, मंत्रालय ने 1 जुलाई, 2022 से पॉलीस्टाइनिन और विस्तारित पॉलीस्टाइनिन सहित एसयूपी वस्तुओं के निर्माण, आयात, स्टॉकिंग, वितरण, बिक्री और उपयोग पर रोक लगाने के लिए एक अधिसूचना जारी की थी।
ये वस्तुएं हैं शामिल
इन एसयूपी आइटम में ईयरबड, गुब्बारे के लिए प्लास्टिक की छड़ें, झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम स्टिक, पॉलीस्टाइनिन (थर्मोकोल), प्लेट, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, पुआल, ट्रे, रैपिंग या पैकेजिंग फिल्म, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट के पैकेट, 100 माइक्रोन से कम के प्लास्टिक या पीवीसी बैनर और स्टिरर शामिल हैं।
इससे पहले कान्फैडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र भेजकर सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने की समय सीमा को एक साल बढ़ाकर 1 जुलाई, 2023 तक करने का अनुरोध किया था। कैट ने कहा था कि हम अभी इसके लिए तैयार नहीं हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासागर सम्मेलन में मंत्री जितेंद्र सिंह ने रखा भारत का पक्ष
पुर्तगाल के लिस्बन में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासागर सम्मेलन में पृथ्वी विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह ने भारत का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि भारत 2030 तक दुनिया की कम से कम 30 प्रतिशत भूमि और महासागर की रक्षा के लिए एक अंतरराष्ट्रीय समझौते के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत तटीय स्वच्छ समुद्र अभियान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कि देश में जल्द ही सिंगल यूज प्लास्टिक पर देश में पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि भारत ने सतत विकास और पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण के लिए समुद्री स्थानिक योजनाओं के लिए एकीकृत महासागर प्रबंधन और ढांचे के क्षेत्रों में कई देशों के साथ भागीदारी की है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने समुद्री और तटीय पारिस्थितिकी तंत्र, मैंग्रोव और प्रवाल भित्तियों की रक्षा के लिए कई पहल, कार्यक्रम और नीतिगत हस्तक्षेप किए हैं।