किसानों को तोहफा: खरीफ की फसलों के लिए 62% तक बढ़ी एमएसपी, केंद्रीय कैबिनेट का फैसला
खरीफ की फसलों के लिए एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) बढ़ाने पर केंद्र सरकार ने मुहर लगा दी है। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लिया गया। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बैठक के बाद एक प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कृषि फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाए जा रहे हैं और भविष्य में भी इसी तरह वृद्धि होती रहेगी। वहीं, नए कृषि कानूनों के विरोध को लेकर तोमर ने कहा कि किसान इन कानूनों पर तार्किक आधार पर अपनी चिंताएं लेकर आएं, सरकार बात करने के लिए तैयार है।
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विस्तार
केंद्र सरकार ने बुधवार को बाजार सत्र 2021-22 के लिए खरीफ की फसलों पर एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) बढ़ाने को अनुमति दे दी। केंद्र ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले एमएसपी में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी तिल (452 रुपये प्रति कुंतल) में की गई है। इसके बाद तुअर और उड़द (दोनों 300 रुपये प्रति कुंतल) आते हैं।
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने खरीफ की फसलों पर 50 फीसदी तक एमएसपी बढ़ाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पिछले सात साल से किसानों के हित में फैसले ले रही है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए चर्चा करने के लिए हर वक्त तैयार है।
Cabinet has approved MSP for kharif crops for marketing season 2021-22. Highest absolute increase in MSP over the previous year has been recommended for sesamum (Rs 452 per quintal) followed by tur & urad (Rs 300 per quintal each): Govt of India
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 9, 2021
तोमर ने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य पिछले साल के मुकाबले 72 रुपये बढ़कर 1940 रुपये प्रति कुंतल हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले साल यह राशि 1868 रुपये प्रति कुंतल थी। उल्लेखनीय है कि एमएसपी वह दर होती है जिस दर से सरकार किसानों से खाद्यान्न खरीदती है।
जिद छोड़े केंद्र सरकार: कांग्रेस
वहीं केंद्र सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस ने कहा है कि किसानों के आंदोलन को समाप्त करने का एक ही तरीका है कि तीनों नए कृषि कानून वापस लिए जाएं। देश के मुख्य विपक्षी दल ने इन कानूनों को विनाशकारी करार देते हुए कहा कि सरकार को अपनी जिद छोड़ देनी चाहिए और किसानों की मांगें मान लेनी चाहिए।
इन फैसलों को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट ने रेलवे की संचार व सिग्नल प्रणाली उन्नत करने के लिए पांच मेगाहर्ट्ज के 4जी स्पेक्ट्रम को मंजूरी दे दी। इस पर अगले पांच साल में 25 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। रामागुंडम फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड में संशोधन के साथ नई निवेश नीति (एनआईपी)-2012 की प्रायोज्यता के विस्तार को भी मंजूरी दे दी गई।