जेटली का बजटः सरकार ने ग्रामीण इलाकों के लिए खोला पिटारा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इसका अंदाजा जेटली की बजट में की गई उस घोषणा से ही चल जाता है जिसमें उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए इस बार कुल 187223 रुपये का प्रस्ताव रखा गया है जोकि बीते साल के मुकाबले
24 फीसदी अधिक है।
जेटली ने बताया कि मनरेगा के तहत ग्रामीण इलाकों में इस बार काफी कार्य कराए जाएंगे इस लिए मनरेगा का बजट भी बढ़ाकर 48 हजार करोड़ कर दिया गया। सरकार ने इस साल मनरेगा के तहत पांच लाख तालाब खोदने का लक्ष्य रखा है बीते वर्ष में इसी लक्ष्य को सरकार ने सफलतापूर्वक पूरा किया है।
मनरेगा के बजट में भी की गई वृद्िध
जेटली ने दावा किया कि मनरेगा के तहत सरकार ने आवंटित रकम से ज्यादा खर्च किया है। किसानों के लोन के लिए भी दस लाख करोड़ का बजट रखा गया है। सरकार की मंशा है कि एक करोड़ गरीब परिवारों को इस बार गरीबी रेखा से बाहर किया जा सके।
ग्रामीण इलाकों में सेनीटेशन का 60 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति सुधारने के लिए भी सरकार व्यापक काम कर रही है। दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के तहत गांवों में बिजली पहुंचाने के लिए 4818 करोड़ का बजट तय किया गया है जिससे एक मई 2018 तक सभी गांवों में उजियारा किया जा सके।
ग्रामीण इलाकों में सड़कों का विस्तार करने के लिए पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत 19000 करोड़ बजट का प्रस्ताव रखा गया है।