फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   UNICEF said on Citizenship Amendment Act, Children get the right to protest

नागरिकता संशोधन कानून: यूनिसेफ ने कहा- बच्चों को मिले विरोध करने का अधिकार

Sat, 21 Dec 2019 02:35 AM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Sat, 21 Dec 2019 02:35 AM IST
विज्ञापन
UNICEF said on Citizenship Amendment Act, Children get the right to protest
सांकेतिक तस्वीर

देश में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में कई विश्वविद्यालयों के छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच यूनिसेफ ने बृहस्पतिवार को दुनियाभर की सरकारों से बच्चों को विरोध करने का अधिकार देने की अपील की है। साथ ही अपने सदस्य देशों से हिंसा से दूर रहने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने को भी कहा है। यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक हेनरीटा फोरे ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन समेत शांतिपूर्ण सभा करने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बच्चों का अधिकार है। 

विज्ञापन


यह बाल अधिकारों पर कन्वेंशन में निहित है जोकि दुनिया में सबसे व्यापक रूप से पुष्टि मानवाधिकार संधि है। इसका पालन सुनिश्चित करना सदस्य देशों के लिए अनिवार्य है कि बच्चे अपने अधिकार का इस्तेमाल शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से कर सकें। बाल अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र की संस्था का यह बयान वैश्विक स्तर पर युवा प्रदर्शनकारियों पर अंकुश लगाने की विभिन्न सरकारों की निंदा माना जा रहा है। 
विज्ञापन


देश में जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के संदर्भ में भी यह बयान महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भ्रष्टाचार के खात्मे, रोजगार की मांग को लेकर प्रदर्शन
हेनरीटा ने कहा कि मध्य पूर्व से लैटिन अमेरिका और कैरेबियन तक और यूरोप, अफ्रीका तथा एशिया में हर विरोध प्रदर्शन अपने आप में अलग है। युवा जलवायु संकट से निपटने के लिए कदम उठाने, भ्रष्टाचार और असमानता के खात्मे, बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसरों और सभी जगह, सभी के लिए न्यायपूर्व विश्व की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।


युवाओं को उनके अधिकारों से किया जा रहा वंचित
यह हृदय विदारक विडंबना है कि अपने मौलिक अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे बच्चों और किशोरों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। इनमें से कई विरोध प्रदर्शनों में शामिल कुछ युवा प्रदर्शनकारियों को जेल में बंद कर दिया तो कुछ घायल हुए। यहां तक कुछ मारे भी गए। इतना ही नहीं, कई स्कूलों को बंद कर दिया गया और सार्वजनिक सेवाओं को ठप कर दिया गया। इन सबको देखते हुए हेनरीटा ने देशों से आग्रह किया कि वे बच्चों को विरोध करने का अधिकार दें और उन्हें सिद्धांतवादी, रचनात्मक और सहयोगात्मक तरीके से प्रतिक्रिया दें।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed