‘मैं गंगा और उसकी सहायक नदियों पर चल रहे हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के खिलाफ थी': उमा भारती
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पूर्व नदी विकास और गंगा कायाकल्प मंत्री उमा भारती ने रविवार को उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने की घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ग्लेशियर टूटने के कारण हुई त्रासदी चिंता का विषय है। इसके अलावा यह चेतावनी भी है। भाजपा नेता ने आगे कहा कि मंत्री रहते हुए वह गंगा और उसकी मुख्य सहायक नदियों पर बांध बनाकर पनबिजली परियोजनाएं लगाने के खिलाफ थीं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'जोशीमठ से 24 किलोमीटर पैंग गाव जिला चमोली उत्तराखंड के ऊपर का ग्लेशियर फिसलने से ऋषि गंगा पर बना हुआ पावर प्रोजेक्ट जोर से टूटा और एक तबाही लेकर आगे बढ़ रहा है। मै गंगा मैया से प्रार्थना करती हूं की मां सबकी रक्षा करें तथा प्राणिमात्र की रक्षा करें।
जोशीमठ से 24 किलोमीटर पैंग गाव ज़िला चमोली उत्तराखंड के ऊपर का ग्लेशियर फिसलने से ऋषि गंगा पर बना हुआ पावर प्रोजेक्ट ज़ोर से टूटा और एक तबाही लेकर आगे बढ़ रहा है । मै गंगा मैया से प्रार्थना करती हूँ की माँ सबकी रक्षा करे तथा प्राणिमात्र की रक्षा करे ।
विज्ञापन विज्ञापन— Uma Bharti (@umasribharti) February 7, 2021
उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट किए हैं। अपने एक ट्वीट के जरिये उन्होंने कहा कि ग्लेशियर टूटने से पनबिजली परियोजना को नुकसान पहुंचा है और भीषण त्रासदी आई है। हिमालय के ऋषि गंगा में हुई यह त्रासदी चिंता का विषय होने के साथ-साथ चेतावनी भी है।
कल मै उत्तरकाशी में थी आज हरिद्वार पहुँची हूँ ।हरिद्वार में भी अलर्ट जारी हो गया है यानी की तबाही हरिद्वार आ सकती है । यह हादसा जो हिमालय में ऋषि गंगा पर हुआ यह चिंता एवं चेतावनी दोनो का विषय है ।
— Uma Bharti (@umasribharti) February 7, 2021
उन्होंने लिखा है, ‘'इस संबंध में मैंने अपने मंत्रालय की तरफ से हिमालय उत्तराखंड के बांधों के बारे में जो हलफनामा दिया था, उसमें यही आग्रह किया था की हिमालय एक बहुत संवेदनशील स्थान है इसलिए गंगा और उसकी मुख्य सहायक नदियों पर पनबिजली परियोजना नहीं बनने चाहिए।’
इस सम्बन्ध में मैंने जब मै मंत्री थी तब अपने मंत्रालय के तरफ़ से हिमालय उत्तराखंड के बांधो के बारे में जो ऐफ़िडेविट दिया था उसमें यही आग्रह किया था की हिमालय एक बहुत संवेदनशील स्थान है इसलिये गंगा एवं उसकी मुख्य सहायक नदियों पर पावर प्रोजेक्ट नही बनने चाहिएँ
— Uma Bharti (@umasribharti) February 7, 2021
उन्होंने कहा कि उस फैसले से बिजली आपूर्ति में होने वाली कमी को राष्ट्रीय ग्रिड से पूरा किया जा सकता था। साथ ही उमा भारती ने जानकारी दी कि शनिवार को वह उत्तर काशी में थीं और फिलहाल हरिद्वार में हैं।
उन्होंने अपने अगले ट्वीट में लिखा, 'मै इस दुर्घटना से बहुत दुखी हूं। उत्तराखंड देवभूमि है। वहां के लोग बहुत कठिनाई से जीवन जीकर तिब्बत से लगी सीमाओं की रक्षा के लिए सजग रहते हैं। मैं उन सबके रक्षा के लिए भगवान से प्रार्थना करती हूं। चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी सभी जिलों में रहने वाले अपने आत्मीय जनों से अपील करती हूं कि इस आपदा से प्रभावित लोगों की रक्षा व सेवा कार्यों में लग जाइए।'
मै इस दुर्घटना से बहुत दुःखी हूँ । उत्तराखंड देवभूमि है । वहाँ के लोग बहुत कठिनाई जा जीवन जी कर तिब्बत से लगी सीमाओं की रक्षा के लिए सजग रहते है । मैं उन सबके रक्षा के लिये भगवान से प्रार्थना करती हूँ । @narendramodi @PMOIndia @AmitShah @BJP4India @BJP4UK
— Uma Bharti (@umasribharti) February 7, 2021