फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   uma bharti namami gange authority tweets frightened govt

उमा के नमामि गंगे प्राधिकरण ने पिटवाई सरकार की भद्द

Sun, 16 Jul 2017 02:04 AM IST
संजय मिश्र, नई दिल्ली
संजय मिश्र, नई दिल्ली Updated Sun, 16 Jul 2017 02:04 AM IST
विज्ञापन
uma bharti  namami gange authority tweets frightened govt
uma bharti

उमा भारती के नमामि गंगा प्राधिकरण ने एक विवादित टवीट कर अपने ही सरकार की भद्द पिटवाई है। गंगा पर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के ऐतिहासिक फैसले के ठीक एक दिन बाद शनिवार को नमामि गंगे की ओर से इंडस्ट्री के बचाव से जुड़ा। सवाल टवीटर पर डाला गया।

विज्ञापन


देर शाम सोशल मीडिया में बवाल कटने के बाद प्राधिकरण ने अपने टवीटर हैंडल से यह टवीट हटाया। तब तक मामला धमाल काट चूका था। शुक्रवार को गंगा स्वच्छता पर कडा फैसला लेते हुए राष्ट्रीय हरित प्रधिकरण ने गंगा में कूडा डालने वालों पर 50 हजार तक का हर्जाना लगाने का फरमान जारी किया है।
विज्ञापन


गंगा स्वच्छता के प्रयासों पर तमाम सवाल खडे करते हुए प्राधिकरण ने कहा है कि गंगा स्वच्छता में इंडस्ट्री ने भी सहयोग प्रदान नहीं किया। फैसले के अगले ही दिन नमामि गंगे प्राधिकरण ने अपने टवीटर अकाउंट पर एक पोस्ट डालते हुए जनता से सवाल पूछा कि क्या गंगा को प्रदुषित करने में सिर्फ इंडस्ट्री ही जिम्मेदार हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

चार दिन पहले का टवीट भी विवादित 

uma bharti  namami gange authority tweets frightened govt
namami gange

इस टवीट को नमामि गंगे पोल नाम देते हुए उमा भारती, पीएमओ इंडिया और माईगवइंडिया को भी टैग किया गया। लेकिन विवाद बढने के बाद प्राधिकरण ने विवादित टवीट को अपने हैंडल से हटा लिया। दरअसल इस टवीट को सीधा इंडस्ट्री के बचाव के रूप में देखा जा रहा है।

प्राधिकरण का सवाल गंगा प्रदुषण के लिए अन्य कारकों को समझना हो सकता था। मगर प्राधिकरण के टवीट से लगा कि वह इंडस्ट्री के बचाव में सवाल दाग रहा है। नमामि गंगे प्राधिकरण का चार दिन पहले का टवीट भीर विवादित है। जिसमें सरकार गंगा स्वच्छता से अपना पिछा छूडाती दिख रही है।

11जुलाई को टवीट के जरिए प्राधिकरण ने जनता की राय जानी थी कि गंगा की सफाई क्या सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी है। इस सवाल पर कुल 110 लोगों ने वोट किया। उसमें 84 प्रतिशत लोगों ने कहा कि नहीं। जबकि केंद्र में पीएम मोदी की सरकार आने के बाद गंगा की स्वच्छता के लिए अलग से मंत्रालय बनाकर उमा भारती को कमान दी गई।

मंत्रालय की मांग पर नमामि गंगे प्राधिकरण बनाया गया। जिसे काफी कानू​नी अधिकार प्रदान किए गए। बावजूद उसके गंगा सफाई के प्रयास तेज करने के प्राधिकरण भी सोशल मीडिया पर विवादित सवाल दाग कर सरकार की मुसिबतें बढाने में जुटा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed