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Kerala: यूडीएफ सांसद फ्रांसिस जॉर्ज ने किया वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन, मौजूदा कानून को बताया क्रूर
Thu, 23 Jan 2025 02:56 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 23 Jan 2025 02:56 PM IST
सार
सांसद फ्रांसिस जॉर्ज ने हाल ही में कोच्चि के पास मुनंबम में आयोजित 24 घंटे के दिन-रात के विरोध प्रदर्शन के समापन पर बोलते हुए अपना रुख स्पष्ट किया। यह प्रदर्शन वहां के लोगों की तरफ से वक्फ बोर्ड की तरफ से दावा की गई भूमि पर अपने राजस्व अधिकारों को फिर से हासिल करने के लिए की जा रही रिले भूख हड़ताल का हिस्सा था।
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यूडीएफ सांसद ने किया वक्फ बिल का समर्थन
- फोटो : ANI / niyamasabha.nic.in
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विस्तार
केरल के एक यूडीएफ सांसद ने कहा है कि वह भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की तरफ से संसद में पेश किए जाने वाले वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 का समर्थन करेंगे। केरल कांग्रेस (जोसेफ) पार्टी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में इसके एकमात्र सदस्य फ्रांसिस जॉर्ज ने कहा है कि एक जनप्रतिनिधि और एक राजनीतिक दल के प्रतिनिधि के रूप में वह नए विधेयक का समर्थन करेंगे। केरल कांग्रेस (जोसेफ) केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ की एक प्रमुख सहयोगी है।
मौजूदा वक्फ कानून को बताया क्रूर
सांसद फ्रांसिस जॉर्ज ने हाल ही में कोच्चि के पास मुनंबम में आयोजित 24 घंटे के दिन-रात के विरोध प्रदर्शन के समापन पर बोलते हुए अपना रुख स्पष्ट किया। यह प्रदर्शन वहां के लोगों की तरफ से वक्फ बोर्ड की तरफ से दावा की गई भूमि पर अपने राजस्व अधिकारों को फिर से हासिल करने के लिए की जा रही रिले भूख हड़ताल का हिस्सा था। उन्होंने मौजूदा वक्फ कानून को एक 'कठोर कानून' बताया जिसे लोकतांत्रिक देश में कोई भी स्वीकार नहीं कर सकता। सांसद फ्रांसिस जॉर्ज ने कानून के कई खंडों का हवाला देते हुए कहा, 'इसलिए, इस कानून को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। इसमें बदलाव की जरूरत है।'
केरल कांग्रेस ने अभी तक नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
कोट्टायम के सांसद ने कहा कि जब संशोधन विधेयक संसद में लाया गया था, तब आम सहमति बनाने के प्रयास किए गए थे, लेकिन 'दुर्भाग्य से' इसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेज दिया गया। कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने केरल कांग्रेस (जोसेफ) नेता के रुख पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जो इस मामले पर उसके आधिकारिक रुख के विपरीत है।
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भाजपा नेता ने की यूडीएफ सांसद की तारीफ
जॉर्ज की तरफ से अपनाए गए रुख का स्वागत करते हुए भाजपा नेता शोन जॉर्ज ने कहा कि एक ईसाई सांसद ने दिखा दिया है कि उनमें हिम्मत है। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा, 'उम्मीद है कि संसद में भी यह साबित होगा।' शोन जॉर्ज ने जोस के मणि, डीन कुरियाकोस, एंटो एंटनी, हिबी ईडन, जॉन ब्रिटास और बेनी बेहनन जैसे अन्य सांसदों से भी इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने का आग्रह किया।
भाजपा के कोट्टायम जिला नेतृत्व ने सवाल उठाया कि क्या केरल कांग्रेस (जोसेफ) के विधायक मोन्स जोसेफ का रुख फ्रांसिस जॉर्ज के रुख से मेल खाता है। भाजपा कोट्टायम जिला अध्यक्ष लिजिन लाल ने कहा, 'अगर ऐसा है, तो जोसेफ को खुले तौर पर इसकी घोषणा करनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि जोसेफ ने केरल विधानसभा में वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ राज्य सरकार के प्रस्ताव का बिना किसी हिचकिचाहट के समर्थन किया था। हालांकि, विधानसभा से बाहर निकलने के बाद, वह अब प्रभावित लोगों के सामने झुकते और मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे हैं।
8 अगस्त को जेपीसी के पास भेजा गया था वक्फ संसोधन विधेयक
केरल विधानसभा ने पिछले साल अक्तूबर में केंद्र की तरफ से वक्फ अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन के खिलाफ सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू की तरफ से लोकसभा में पेश किए जाने के बाद वक्फ (संशोधन) विधेयक, 8 अगस्त, 2024 को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा गया था।
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मौजूदा वक्फ कानून को बताया क्रूर
सांसद फ्रांसिस जॉर्ज ने हाल ही में कोच्चि के पास मुनंबम में आयोजित 24 घंटे के दिन-रात के विरोध प्रदर्शन के समापन पर बोलते हुए अपना रुख स्पष्ट किया। यह प्रदर्शन वहां के लोगों की तरफ से वक्फ बोर्ड की तरफ से दावा की गई भूमि पर अपने राजस्व अधिकारों को फिर से हासिल करने के लिए की जा रही रिले भूख हड़ताल का हिस्सा था। उन्होंने मौजूदा वक्फ कानून को एक 'कठोर कानून' बताया जिसे लोकतांत्रिक देश में कोई भी स्वीकार नहीं कर सकता। सांसद फ्रांसिस जॉर्ज ने कानून के कई खंडों का हवाला देते हुए कहा, 'इसलिए, इस कानून को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। इसमें बदलाव की जरूरत है।'
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केरल कांग्रेस ने अभी तक नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
कोट्टायम के सांसद ने कहा कि जब संशोधन विधेयक संसद में लाया गया था, तब आम सहमति बनाने के प्रयास किए गए थे, लेकिन 'दुर्भाग्य से' इसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेज दिया गया। कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने केरल कांग्रेस (जोसेफ) नेता के रुख पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जो इस मामले पर उसके आधिकारिक रुख के विपरीत है।
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भाजपा नेता ने की यूडीएफ सांसद की तारीफ
जॉर्ज की तरफ से अपनाए गए रुख का स्वागत करते हुए भाजपा नेता शोन जॉर्ज ने कहा कि एक ईसाई सांसद ने दिखा दिया है कि उनमें हिम्मत है। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा, 'उम्मीद है कि संसद में भी यह साबित होगा।' शोन जॉर्ज ने जोस के मणि, डीन कुरियाकोस, एंटो एंटनी, हिबी ईडन, जॉन ब्रिटास और बेनी बेहनन जैसे अन्य सांसदों से भी इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने का आग्रह किया।
भाजपा के कोट्टायम जिला नेतृत्व ने सवाल उठाया कि क्या केरल कांग्रेस (जोसेफ) के विधायक मोन्स जोसेफ का रुख फ्रांसिस जॉर्ज के रुख से मेल खाता है। भाजपा कोट्टायम जिला अध्यक्ष लिजिन लाल ने कहा, 'अगर ऐसा है, तो जोसेफ को खुले तौर पर इसकी घोषणा करनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि जोसेफ ने केरल विधानसभा में वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ राज्य सरकार के प्रस्ताव का बिना किसी हिचकिचाहट के समर्थन किया था। हालांकि, विधानसभा से बाहर निकलने के बाद, वह अब प्रभावित लोगों के सामने झुकते और मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे हैं।
8 अगस्त को जेपीसी के पास भेजा गया था वक्फ संसोधन विधेयक
केरल विधानसभा ने पिछले साल अक्तूबर में केंद्र की तरफ से वक्फ अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन के खिलाफ सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू की तरफ से लोकसभा में पेश किए जाने के बाद वक्फ (संशोधन) विधेयक, 8 अगस्त, 2024 को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा गया था।