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सबरीमला मंदिर में प्रवेश करने वाली महिलाओं की याचिका पर शुक्रवार को होगी सुनवाई
Thu, 17 Jan 2019 02:14 PM IST
अजय सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: अजय सिंह
Updated Thu, 17 Jan 2019 02:14 PM IST
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कनकदुर्गा (बाएं)- बिंदु (दाहिने)
- फोटो : social media
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उच्चतम न्यायालय केरल स्थित सबरीमला मंदिर में हाल में प्रवेश करने वाली दो महिलाओं की चौबीस घंटे सुरक्षा मुहैया कराने जाने संबंधी याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा।
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वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एल एन राव और न्यायमूर्ति एस के कौल की पीठ के समक्ष इस मामले को बृहस्पतिवार को सूचीबद्ध किया।
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मंदिर में प्रवेश करने वाली एक महिला पर उसकी सास ने हमला किया था। उसने याचिका दायर करके दोनों महिलाओं की सुरक्षा की मांग की है।
याचिका में प्राधिकारियों को यह निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया गया है कि सभी आयुवर्ग की महिलाओं को बिना किसी रुकावट के मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी जाए और भविष्य में मंदिर में दर्शन की इच्छा रखने वाली महिलाओं को पुलिस सुरक्षा दिए जाने समेत उनका सुरक्षित प्रवेश सुनिश्चित किया जाए। इसमें महिला के जीवन एवं स्वतंत्रता को खतरे का भी जिक्र किया गया है।
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रजस्वला आयुवर्ग की दो महिलाओं ने सदियों पुरानी परंपरा तोड़ते हुए और धमकियों को नजरअंदाज करते हुए भगवान अयप्पा के सबरीमला मंदिर में प्रवेश किया था।
मंदिर में 10 वर्ष से 50 वर्ष तक के आयुवर्ग की महिलाओं का प्रवेश वर्जित था। उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल 28 सितंबर को इस प्रतिबंध को हटाने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया था।