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तमिलनाडु में जल्लीकट्टू ने बनाया विश्व रिकॉर्ड, दो लोगों की घायल होने से हुई मौत
Mon, 21 Jan 2019 09:26 AM IST
Shilpa Thakur
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: Shilpa Thakur
Updated Mon, 21 Jan 2019 09:26 AM IST
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Jallikattu
- फोटो : ANI
तमिलनाडु के पुडुकोट्टई में रविवार को आयोजित जल्लीकट्टू में सबसे ज्यादा संख्या में सांडों को मैदान में उतारने से इसका नाम विश्व रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री सी विजयभास्कर के समन्वय से वीरालिमलाई में सांडों को काबू करने वाले इस खेल में 1,354 सांडों को शामिल किया गया। 424 लोग इन सांडों पर काबू पाने का प्रयास कर रहे थे।
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वर्ल्डकिंग्स वर्ल्ड रिकॉर्ड यूनियन के प्रतिनिधि ने बताया कि, "भाग लेने वाले सांडों की संख्या 1,354 थी जो पहले के रिकार्ड दो साल पहले हुए खेल में 647 सांडों के मुकाबले दोगुनी है।"
इसी दौरान दो लोगों की मौत भी हुई है। मृतकों के नाम राम और सतीश कुमार है। दोनों की उम्र 35 साल थी। इस खेल को देखने के दौरान ही इन दोनों पर सांडों ने हमला कर दिया। जिसके बाद इन्हें काफी चोट आई और इनकी मौत हो गई। जिला पुलिस के अनुसार इस आयोजन में दो लोगों की मौत हो गई जबकि 31 अन्य लोग घायल हो गए है।
#TamilNadu: Two people died during Jallikattu event in Puddukottai yesterday. (File pic) pic.twitter.com/tUnIQmnQq7
— ANI (@ANI) January 21, 2019
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना कलेक्शन पॉइंड से कुछ दूरी पर हुई। जहां मालिक अपने सांडों को अखाड़ा पार करने के बाद वापस ले रहे थे। वहीं मुख्यमंत्री ई पलानीसामी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देष के अनुसार सुरक्षा के सभी मानदंडों पर अमल किया जा रहा है। सांड मालिकों के लिए भी अपने सांडों को पकड़ना मुश्किल हो जाता है, जब वे (सांड) दर्शकों की ओर जाते हैं। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा के लहजे से सांडों को पकड़ने के लिए नेट और किसी अन्य तरीके का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
बता दें साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने सांडों के साथ क्रूरता और दर्शकों की सुरक्षा का हवाला देते हुए जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध लगा दिया था। बीते दो दशकों में ऐसे आयोजनों में 200 लोगों की मौत हो चुकी है।
हालांकि तमिलनाडु सरकार ने 2017 में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद अध्यादेश अपनाकर प्रतिबंध हटाने का मार्ग प्रशस्त कर लिया। बुल टैमर्स को उप्हार के तौर पर इलक्ट्रोनिक सामान से लेकर मोटरसाइकिल और कार तक दी जाती है। वहीं कार्यकर्ता अभी भी जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध लगाने के लिए कैंपेन कर रहे हैं। उनका कहना है कि सांडों के साथ इसमें क्रूरता की जाती है। अलंगनल्लूर में 40 से ज्यादा लोग जल्लीकट्टू में घायल हो गए हैं। एक दर्शक की हार्ट अटैक से मौत भी हुई है।