रेलवे सिग्नल केबल काटने के आरोप में दो गिरफ्तार, ठेकेदार फरार
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रेलवे सिग्नल फेल होने की वजह से 74 ट्रेनों का संचालन प्रभावित होने के मामले में आरपीएफ ने कार्रवाई शुरू कर दी है। निजी मोबाइल कंपनी की ओएफसी डाले जाने के दौरान रेलवे सिग्नल केबल कटने के कारण छह घंटे तक रेल यातायात बाधित रहा था।
रेलवे सिग्नल की केबल ओएफसी डाले जाने के लिए की जा रही खुदाई के दौरान कट गई थी। घटना के बाद आरपीएफ ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। मामले में आरपीएफ द्वारा दो मजदूरों को गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया। प्रकरण में मुख्य आरोपी ठेकेदार अभी फरार है। शुक्रवार 15 जुलाई की मध्यरात्रि में सिविल लाइंस थाने के निकट एयरटेल कंपनी द्वारा 4जी ओएफसी डाले जाने के लिए खुदाई कराई जा रही थी।
इसके लिए कंपनी ने एक ठेकेदार को ठेका दे दिया था। खुदाई के दौरान ज्वालानगर क्रासिंग के निकट ही रेलवे सिग्नल की केबल कट गई। जिससे रेलवे सिग्नल फेल हो गए। सिग्नल फेल होने से छह घंटे रेल यातायात बाधित रहा था। सिग्नल फेल होने के बाद डीआरएम भी मौका मुआयना करने पहुंचे थे। घटना में आरपीएफ द्वारा अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई थी।
बिछा रहे थे एयरटेल का 4जी केबल
विवेचना के दौरान एटा जिले के सुभाषनगर थाना निवासी प्रवीण और बरेली के देवरनिया थाना क्षेत्र निवासी आबिद को गिरफ्तार किया। आरपीएफ के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह मजदूर थे और शहजादनगर थाना क्षेत्र के एक ठेकेदार के लिए खुदाई का काम कर रहे थे।
उन्हें खुदाई का काम सरकारी बताया गया था। मजदूरों से पूछताछ के आधार पर आरपीएफ ने ठेकेदार को भी आरोपी बना लिया है। ठेकेदार की गिरफ्तारी को आरपीएफ द्वारा दबिश दी गई लेकिन, वह फरार हो गया है।
प्रारंभिक विवेचना में एयरटेल कंपनी द्वारा 4 जी ओएफसी डलवाने के लिए खुदाई के दौरान सिग्नल केबल कटने की बात सामने आई है। मामले में दो मजदूरों को गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया है। मुख्य आरोपी ठेकेदार के खिलाफ दबिश दी गई लेकिन, वह फरार है। उसकी गिरफ्तारी को गैर जमानती वारंट जारी कराने की कोशिश की जा रही है।
--पीएस बिस्ट, आरपीएफ निरीक्षक