{"_id":"62058b9dbd57c460bd80107c","slug":"trs-breach-of-privilege-notice-against-pm-in-rajya-sabha","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्यसभा : प्रधानमंत्री के खिलाफ टीआरएस का विशेषाधिकार हनन नोटिस, शून्यकाल रहा बाधित","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
राज्यसभा : प्रधानमंत्री के खिलाफ टीआरएस का विशेषाधिकार हनन नोटिस, शून्यकाल रहा बाधित
Fri, 11 Feb 2022 05:15 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 11 Feb 2022 05:15 AM IST
सार
सदन में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने टीआरएस का समर्थन करते हुए आंध्र प्रदेश पुनर्गठन पर प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सांसदों की मांग को सुना जाना चाहिए।
विज्ञापन
राज्यसभा।
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रधानमंत्री के आंध्र प्रदेश के विभाजन को लेकर दिए गए बयान पर आपत्ति जताते हुए तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) सांसद केशव राव ने राज्यसभा में नरेंद्र मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। टीआरएस इस पर चर्चा की मांग करते रहे।
विज्ञापन
उपसभापित हरिवंश ने बताया कि उनका नोटिस सभापति के पास विचाराधीन है और उनका निर्णय आना बाकी है। उपसभापित के लगातार समझाने के बाद भी टीआरएस सांसद सदन में अपने नोटिस पर चर्चा को लेकर शोरशराबा करते रहे जिसके चलते शून्यकाल बाधित रहा। टीआरएस की इस मांग का कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने भी समर्थन किया।
विज्ञापन
सदन में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने टीआरएस का समर्थन करते हुए आंध्र प्रदेश पुनर्गठन पर प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सांसदों की मांग को सुना जाना चाहिए।
विज्ञापन
शोर शराबे पर पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने व्यवस्था का सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब आसन पर बैठा व्यक्ति खड़ा हो तो सभी सदस्यों को अपनी सीट पर बैठ जाना चाहिए। उपसभापति खड़े थे और इसी बीच विपक्ष के नेता भी बोल रहे थे।
क्या कहा था पीएम ने
प्रधानमंत्री ने 8 फरवरी को सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहा था कि कांग्रेस सरकार ने बहुत शर्मनाक तरीके से आंध्र प्रदेश का विभाजन किया था। उन्होंने कहा था कि माइक बंद कर दिए गए। मिर्च स्प्रे की गई और कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया था कि क्या ये तरीका ठीक था और यही लोकतंत्र था।