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टीआरपी घोटाला: पूरक आरोप पत्र में दावा-अर्नब ने बीएआरसी के सीईओ के साथ रची साजिश
Wed, 23 Jun 2021 11:17 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Wed, 23 Jun 2021 11:17 PM IST
सार
मुंबई पुलिस ने टीआरपी घोटाले में कोर्ट में पूरक आरोप पत्र दायर किया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि रिपब्लिक टीवी के वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी ने बीएआरसी के तत्कालीन सीईओ पार्थो दासगुप्ता के साथ मिलकर यह साजिश रची।
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TRP SCAM, टीआरपी स्कैम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बहुचर्चित टीआरपी घोटाले को लेकर मुंबई पुलिस ने कोर्ट में पूरक आरोप पत्र दायर किया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि वरिष्ठ टेलीविजन पत्रकार अर्नब गोस्वामी ने रिपब्लिक टीवी चैनल की रेटिंग सुधारने के लिए ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बीएआरसी) के तत्कालीन सीईओ पार्थो दासगुप्ता के साथ मिलकर टीआरपी में गैरकानूनी तरीके से छेड़खानी की। इस काम में मदद के लिए दासगुप्ता को पैसा भी दिया।
मुंबई पुलिस की ओर से दायर पूरक आरोप-पत्र में दावा किया गया है। पूरक आरोप पत्र में दोनों आरोपियों के बीच वॉट्सएप पर हुई बातचीत का हवाला देते हुए इसे 'महत्वपूर्ण साक्ष्य' बताया गया है। कथित फर्जी टेलीविजन रेटिंग प्वॉइंट्स (टीआरपी) घोटाले में मुंबई पुलिस की अपराध खुफिया इकाई (सीआईयू) ने मंगलवार को यहां मजिस्ट्रेट की अदालत में तीसरा आरोप-पत्र दायर किया है।
रिपब्लिक टीवी के कुछ कर्मचारी भी नामजद
रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी के चैनलों को चलाने वाले एआरजी आउटलियर मीडिया के अलावा पुलिस ने नए आरोपपत्र में छह अन्य आरोपियों को भी नामजद किया है, जिनमें रिपब्लिक समूह के चैनलों के कुछ कर्मचारियों को भी नामजद किया गया है।
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आरोप-पत्र में कहा गया, 'हमारे पास मौजूद साक्ष्य यह बताते हैं कि उन्होंने (गोस्वामी और दासगुप्ता) ने बीएआरसी के बारे में गोपनीय जानकारियों का बार-बार आदान-प्रदान किया और यह गोस्वामी के चैनलों को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया।'
पुलिस ने आगे कहा कि उनके पास ऐसे साक्ष्य है जो बताते हैं कि टीआरपी में छेड़छाड़ करने में सहायता के बदले गोस्वामी ने दासगुप्ता को भुगतान भी किया और यह दासगुप्ता के आवास से बरामद हुए गहनों और महंगी वस्तुओं से साबित होता है।
जमानत पर छूटे हैं दासगुप्ता
इससे पहले के आरोप-पत्र में भी दासगुप्ता का नाम आरोपी के तौर पर शामिल था। उन्हें पिछले वर्ष दिसंबर में गिरफ्तार किया गया था और अभी वह जमानत पर हैं। इस साल मार्च में बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस से सवाल किया था कि अगर जांचकर्ताओं का यह मानना है कि उसके पास गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं तो उन्हें इसमें आरोपी क्यों नहीं बनाया गया। गोस्वामी और एआरजी आउटलियर मीडिया ने पिछले साल हाईकोर्ट में याचिका दायर करके कथित टीआरपी कांड में कई राहतों का अनुरोध किया था।
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मुंबई पुलिस की ओर से दायर पूरक आरोप-पत्र में दावा किया गया है। पूरक आरोप पत्र में दोनों आरोपियों के बीच वॉट्सएप पर हुई बातचीत का हवाला देते हुए इसे 'महत्वपूर्ण साक्ष्य' बताया गया है। कथित फर्जी टेलीविजन रेटिंग प्वॉइंट्स (टीआरपी) घोटाले में मुंबई पुलिस की अपराध खुफिया इकाई (सीआईयू) ने मंगलवार को यहां मजिस्ट्रेट की अदालत में तीसरा आरोप-पत्र दायर किया है।
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रिपब्लिक टीवी के कुछ कर्मचारी भी नामजद
रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी के चैनलों को चलाने वाले एआरजी आउटलियर मीडिया के अलावा पुलिस ने नए आरोपपत्र में छह अन्य आरोपियों को भी नामजद किया है, जिनमें रिपब्लिक समूह के चैनलों के कुछ कर्मचारियों को भी नामजद किया गया है।
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आरोप-पत्र में कहा गया, 'हमारे पास मौजूद साक्ष्य यह बताते हैं कि उन्होंने (गोस्वामी और दासगुप्ता) ने बीएआरसी के बारे में गोपनीय जानकारियों का बार-बार आदान-प्रदान किया और यह गोस्वामी के चैनलों को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया।'
पुलिस ने आगे कहा कि उनके पास ऐसे साक्ष्य है जो बताते हैं कि टीआरपी में छेड़छाड़ करने में सहायता के बदले गोस्वामी ने दासगुप्ता को भुगतान भी किया और यह दासगुप्ता के आवास से बरामद हुए गहनों और महंगी वस्तुओं से साबित होता है।
जमानत पर छूटे हैं दासगुप्ता
इससे पहले के आरोप-पत्र में भी दासगुप्ता का नाम आरोपी के तौर पर शामिल था। उन्हें पिछले वर्ष दिसंबर में गिरफ्तार किया गया था और अभी वह जमानत पर हैं। इस साल मार्च में बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस से सवाल किया था कि अगर जांचकर्ताओं का यह मानना है कि उसके पास गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं तो उन्हें इसमें आरोपी क्यों नहीं बनाया गया। गोस्वामी और एआरजी आउटलियर मीडिया ने पिछले साल हाईकोर्ट में याचिका दायर करके कथित टीआरपी कांड में कई राहतों का अनुरोध किया था।