बुलेट से भी तेज दौड़ने वाली ट्रेन, 500 Km/h होगी रफ्तार
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भारत में बुलेट ट्रेन ही नहीं अब मैगनेटिक लेविटेशन (मैग्लेव) तकनीक से भी ट्रेन चलाने की कवायद शुरू हो गई है। भारतीय रेलवे मैग्लेव ट्रेन चलाने के लिए कदम बढ़ा दिए है। इस तकनीक पर ट्रेन चलाने के लिए ना केवल विदेशी कंपनी बल्कि भारत की चार कंपनियों ने भी इच्छा जाहिर की है।
मैग्लेव तकनीक पर भारत में ट्रेन चलाने के लिए रेलवे मंत्रालय ने एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट विभिन्न कंपनियों से मांगा था। इसमें अमेरिकन मैग्लेव टेक्रॉलोजी (यूएसए) व स्वीसरैपीड एसजी (स्वीट्जरलैड) ने भारत में इस तकनीक पर ट्रेन चलाने की पहल की है।
इनके अलावा भारत की चार कंपनी ने भी इस तकनीक पर ट्रेन चलाने के लिए इच्छा जाहिर की है। इनमें भारत हेवी इलेक्ट्रिकलस लिमिटेड, एंजील सेतू प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद की मेधा सर्वो ड्राइव प्राइवेट लिमिटेड और गुडग़ांव की शरद एम मार्थे कंपनी ने भी इस ट्रेन को चलाने के लिए रूचि दिखाई है।
500 किलोमीटर की होगी रफ्तार
रेलवे अधिकारियों के अनुसार भारतीय कंपनियों की रूचि काफी अहम है। अगर ये कंपनियां विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर इस तकनीक पर ट्रेन चलाती है तो भारतीय रेलवे के लिए बेहतर होगा। हालांकि रेलवे को उम्मीद थी कि इसके लिए जापान, चीन, स्पेन की कंपनियां भी इच्छा जाहिर करेंगी लेकिन इस उम्मीद पर रेलवे का पानी फिर गया है। हालांकि भारतीय कंपनियों का इच्छा जाहिर करने को रेलवे बड़ी पहल बता रहा है। क्योंकि ये कंपनियां ही विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर काम करेंगी।
बता दें कि बुलेट जहां तीन सौ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी वहीं मैग्लेव 500 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। बुलेट की तरह ही इस ट्रेन को भी डेडिकेटेट कॉरीडोर पर चलाया जाएगा। भारत के लिए मैग्लेव तकनीक रिपल्शन पर नहीं एट्रैक्शन तकनीक वाला होगी।
मैग्लेव में भारत टेक्नॉलोजी पार्टनर भी होंगे। जिस भी कंपनी से इस ट्रेन को चलाने पर सहमति बनेगी उसे पहले चरण में 15 किलोमीटर के स्ट्रेच पर ट्रायल रन करना होगा।