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ट्रेन हादसा: यात्री का दावा, पहिए से आ रही थी अजीब सी आवाज

Mon, 21 Nov 2016 01:32 AM IST
एजेंसी/ इंदौर, झांसी
एजेंसी/ इंदौर, झांसी Updated Mon, 21 Nov 2016 01:32 AM IST
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Train accident: Passenger claims, peculiar sound was coming from the wheel
दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन में यात्रा कर रहे एक व्यक्ति ने दावा किया है कि रेलगाड़ी के पहिए से अजीब सी आवाज आ रही थी और इसकी जानकारी उन्होंने रेलवे एक अधिकारी को भी दी थी। मध्य प्रदेश के मंदसौर के रहने वाले 35 वर्षीय प्रकाश शर्मा ने बताया कि वह एस-2 में यात्रा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि ट्रेन के पहिए से आवाज आ रही थी और उन्होंने इसकी जानकारी उस कोच में आए रेलवे के अधिकारी को दी थी। लेकिन उस अधिकारी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। शर्मा ने कहा कि उन्हें उस अधिकारी का नाम मालूम नहीं है। 
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ट्रेनों में एलएचबी कोच लगे होते तो हादसा इतना गंभीर नहीं होता
यदि ट्रेनों को लिंक हाफ मैन बुश (एलएचबी) कोच से लैस कर दिया जाए तो इतना भयावह हादसा नहीं होगा। एलएचबी कोच एंटी टेलीस्कोपिक तकनीक पर आधारित होता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि ट्रेन के टक्कर या ट्रेन के पटरी से उतरने पर एक कोच दूसरे में नहीं घुसती है। अर्थात दुर्घटना की स्थिति में पीछे वाला कोच आगे वाले कोच के ऊपर चला जाता है इससे कम लोग दुर्घटना के शिकार होते है। लेकिन अभी भी इस तरह के कोच के इस्तेमाल में रेलवे काफी सुस्ती बरत रहा है। 
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जर्मन तकनीक पर अब लिंक हॉफ मैन बुश (एलएचबी) कोच भारत में भी बनने लगा है, लेकिन इस तरह के कोच के निर्माण की गति काफी धीमी है। बता दें कि अभी तक इस तकनीक वाले 3800 कोच है। इस तरह के एसी कोच बनाने पर 230 लाख और स्लीपर कोच के लिए 170 लाख रुपये का खर्च आता है। 
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झांसी से इंदौर-पटना एक्सप्रेस को जांच के बाद रवाना किया गया था

Train accident: Passenger claims, peculiar sound was coming from the wheel
कानपुर रूट पर पुखरायां और मलासा के बीच दुर्घटनाग्रस्त हुई इंदौर-पटना एक्सप्रेस झांसी में शनिवार की रात 21 मिनट ठहरी थी। यहां ट्रेन की तकनीकी और हर पहलू से जांच की गई और सब ओके मिलने के बाद ही इसे रनिंग स्टाफ ने हरी झंडी दी थी। यानी तब तक ट्रेन में सब दुरुस्त था।

गाड़ी संख्या 19321 डाउन इंदौर पटना एक्सप्रेस शनिवार की रात 11.35 बजे झांसी स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर इंदौर से आई थी। यहां लोको पायलट (ड्राइवर) जलज शर्मा और सहायक लोको पायलट उमेश पुरोहित इंजन पर सवार हुए। ट्रेन आगे बढ़ाने से पहले लोको पायलट ने इंजन के अंदर और सहायक लोको पायलट ने इंजन के नीचे जांच की थी। सब दुरुस्त होने पर शनिवार रात 11.56 बजे ट्रेन कानपुर के लिए रवाना कर दी गई। 

इसके बाद जब ट्रेन तड़के 3.03 बजे पुखरायां और मलासा स्टेशनों के बीच दौड़ रही थी, तभी किलोमीटर नंबर 1290/06 पर गाड़ी के 14 कोच दुर्घटनाग्रस्त हो गए। पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर गाड़ी को किलोमीटर नंबर 1290/12 पर रोका और भीमसेन स्टेशन मास्टर को बताया कि ओएचई लाइन में स्पार्किंग होने के बाद तगड़ा जर्क लगा, जिसकी वजह से ट्रेन पटरी से उतर गई। भीमसेन स्टेशन मास्टर ने झांसी कंट्रोल रूम को दुर्घटना की सूचना दी। 

हादसे का पता लगते ही रेल अफसरों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। सुबह 4.20 बजे झांसी से दुर्घटना राहत और मेडिकल ट्रेन रवाना की गई। साथ में अपर मंडल रेल प्रबंधक, ब्रांच अधिकारी, अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी गए। 

दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन के कोच लाए गए, देखकर सहमे
दुर्घटनास्थल पर राहत कार्य में लगे कर्मचारियों ने सुरक्षित कोचों को अलग कर झांसी लाया। यह खाली कोच रविवार दोपहर 2.10 बजे झांसी लाए गए। दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन के आने की खबर लगने पर बड़ी संख्या में कर्मचारी और यात्री प्लेटफार्म पर पहुंच गए। कोचों पर कुछ खरोचें भी दिखाई पड़ रही थी। इनमें तीन जनरल नंबर 941078,124728 व 144404 के अलावा एस-7 से लेकर एस-12 तक स्लीपर कोच शामिल हैं। इन कोचों को यार्ड में खड़ा कर दिया गया है।

एक कोच में खराबी हो सकती है हादसे की वजह

Train accident: Passenger claims, peculiar sound was coming from the wheel
कानपुर रेल लाइन पर स्थानीय स्टेशन से करीब आधा किमी दूर दलेलनगर गांव के पास शनिवार की रात करीब 3 बजे इंदौर-पटना सुपरफास्ट ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो गई। 14 बोगियां पटरी से उतर गईं। तीन बोगिया ज्यादा क्षतिग्रस्त हो गई। शाम तक बोगियां काटकर फंसे मृत और जख्मी मुसाफिरों को निकाला जा रहा है। अब तक 117 लोगों की मौत और लगभग 200 लोगों के जख्मी होने की पुष्टि हुई है। घायलों को जिला अस्पताल, उरई, कानपुर और लखनऊ भी ले जाया गया है। 

घायल मुसाफिरों का कहना था कि ट्रेन झांसी से चलने के बाद एक बोगी झटके के साथ चल रही थी। उरई से आगे बढ़ने पर उस बोगी के पहियों से धुआं निकलने की चर्चा भी रही। इंदौर निवासी राजेंद्र कुमार मिश्र की पुत्री शांभवी ने बताया कि वह हादसे के वक्त जाग रही थी। अचानक तेज आवाज के साथ हादसा हो गया। उसके साथ बहन आकांक्षा, पिता और पविार के ही आशीष मिश्र व तनय मिश्र एस-1 कोच में बलिया जा रहे थे। वहां उसकी 21 नवंबर को उसकी बुआ के बेटे की शादी है। उसके पिता गुम हैं, अस्पताल से भी उनकी जानकारी नहीं मिली। बाकी चारों लोग जख्मी हो गए। 

घटनास्थल पर ही मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार किया। सूचना पर रिश्तेदारों के आने पर चारों लोग कानपुर चले गए। इस बाबत स्टेशन मास्टर देवेंद्र सिंह ने बताया कि इंदौर-पटना एक्सप्रेस को 3:01 बजे पुखरायां स्टेशन से पास किया गया था। उसका पुखरायां ठहराव नहीं है। इसके पहले 2:55 पर कानपुर से झांसी जाने वाली साबरमती एक्सप्रेस गुजरी थी। जो पुखरायां स्टेशन पर रुकी थी, उसका ठहराव है। मालूम हो कि झांसी और भीमसेन-कानपुर के बीच सिंगल लाइन है।
 
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