{"_id":"576be01d4f1c1bda54b488ce","slug":"tragic-a-year-after-tanker-crushes-cop-daughter-dies-in-similar-accident","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुखद: पिता की मौत के एक साल बाद बेटी की भी ठीक वैसे ही हुई मौत","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
दुखद: पिता की मौत के एक साल बाद बेटी की भी ठीक वैसे ही हुई मौत
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 23 Jun 2016 07:07 PM IST
विज्ञापन
divyashree naik
- फोटो : mid-day
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिव्याश्री नायक के नाजुक कंधों पर काफी बड़ी जिम्मेदार थी। उसे अपने दिवंगत पिता के कदमों पर चलते हुए पुलिस की नौकरी करनी थी। घर चलाने में अपनी मां की सहायता करनी थी। लेकिन मंगलवार को उसके साथ उसके सपनों ने भी दम तोड़ दिया।
मुम्बई के भिंडी बाजार के पुलिस क्वाटर्स में रहने वाली 24 वर्षीय दिव्याश्री अपनी स्कूटी से जा रहीं थी। भारी बारिश होने की वजह से उनकी स्कूटी फिसल गई और वह एक टैंकर के नीचे आ गयी जिससे उनकी मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि एक साल पहले दिव्याश्री के पिता की भी मृत्यु ठीक ऐसी ही सड़क दुर्घटना में हुई थी।
दिव्याश्री के पिता पुलिस में कांस्टेबल थे। उनकी असमय मृत्यु के बाद दिव्याश्री को उसके पिता की जगह नौकरी दी गई थी। उसकी ट्रेनिंग अगले 15 दिनों में शुरू होने वाली थी।
विज्ञापन
दिव्या के मां ने कहा कि अपने पिता की मृत्यु के बाद दिव्या का एक ही सपना था वो उनकी राह पर चल कर उनका नाम रोशन करे, लेकिन शायद नियति को यह मंजूर नहीं था। हमने कभी नहीं सोचा था कि नियति हमारे साथ ऐसा खेल खेलेगी।
दुर्घटना के वक्त दिव्याश्री की एक दोस्त भी साथ में थी। पुलिस ने बताया कि उसे इस दुर्घटना में मामूली चोटें आयी और वो अब सुरक्षित है।
Published By- Vikrant Singh
विज्ञापन
मुम्बई के भिंडी बाजार के पुलिस क्वाटर्स में रहने वाली 24 वर्षीय दिव्याश्री अपनी स्कूटी से जा रहीं थी। भारी बारिश होने की वजह से उनकी स्कूटी फिसल गई और वह एक टैंकर के नीचे आ गयी जिससे उनकी मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि एक साल पहले दिव्याश्री के पिता की भी मृत्यु ठीक ऐसी ही सड़क दुर्घटना में हुई थी।
विज्ञापन
दिव्याश्री के पिता पुलिस में कांस्टेबल थे। उनकी असमय मृत्यु के बाद दिव्याश्री को उसके पिता की जगह नौकरी दी गई थी। उसकी ट्रेनिंग अगले 15 दिनों में शुरू होने वाली थी।
विज्ञापन
दिव्या के मां ने कहा कि अपने पिता की मृत्यु के बाद दिव्या का एक ही सपना था वो उनकी राह पर चल कर उनका नाम रोशन करे, लेकिन शायद नियति को यह मंजूर नहीं था। हमने कभी नहीं सोचा था कि नियति हमारे साथ ऐसा खेल खेलेगी।
दुर्घटना के वक्त दिव्याश्री की एक दोस्त भी साथ में थी। पुलिस ने बताया कि उसे इस दुर्घटना में मामूली चोटें आयी और वो अब सुरक्षित है।
Published By- Vikrant Singh