चीन-पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब, डोलकुन और कादरी की भारत यात्रा को हरी झंडी
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भारत ने चीन को उसी के अंदाज में जवाब देते हुए उईघुर समाज के नेता की भारत यात्रा को हरी झंडी दिखा दी है। भारत का यह फैसला पाकिस्तान में रह रहे आतंकी और पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में की गई अपील और उस पर चीन के विरोध के जवाब में आया है। भारत के इस फैसले के बाद दिल्ली और बीजिंग के बीच कूटनीतिक तनातनी बढ़ने के आसार हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप इस मामले में ज्यादा कुछ कहने से बचते नजर आए। उन्होंने कहा कि उन्हें मीडिया रिपोर्ट से इस बात का पता चला है और विदेश मंत्रालय इसके हर पहलुओं की पड़ताल कर रहा है। विश्व उईघुर कांग्रेस के नेता डोलकुन इसा को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चीन के लिए काम करने वाली अमेरिकी मूल की एक संस्था ने आमंत्रित किया था। डोलकुन की भारत यात्रा को हरी झंडी देने का चीन ने विरोध किया है।
भारत के इस फैसले पर चीन में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, 'मैं यह कहना चाहता हूं कि डोलकुन इसा एक आतंकी है जिसके खिलाफ इंटरपोल और चीनी पुलिस ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर रखा है।' डोलकुन जर्मनी आधारित एक उईघुर समाज के लिए काम करने वाले एक कार्यकर्ता हैं जो वाशिंगटन के कुछ अधिकारियों के साथ भारत आ रहे हैं। इस दौरान वह तिब्बती धर्म गुरू दलाई लामा से भी मुलाकात कर विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चर्चा भी करेंगे।
बलूचिस्तानी नेता को भी दिया है वीजा
इसके इतर भारत ने बलूचिस्तान की एक महिला कार्यकर्ता नाइला कादरी बलोच को भी हाल में वीजा जारी किया है। कादरी बलूचिस्तान को पाकिस्तान से आजादी दिलाने के लिए आवाज उठाने वाले लोगों में से एक हैं। वह फिलहाल कनाडा में स्वतः निर्वासित जीवन बिता रही हैं।
हालांकि, मीडिया रिपोर्टों और चीन दावों के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने इस मामले की पड़ताल करने की बात कही है। गौरतलब है कि चीन उईघुर नेताओं को लेकर काफी संवेदनशील है जिसमें डोलकुन इसा और रेबिया कादीर जैसे नेताओं के नाम भी शामिल हैं। भारत ने 2009 में कादीर को भारतीय वीजा देने से इनकार कर दिया था।
डोलुकन इसा को धर्मशाला में आमंत्रित करने वाले आयोजकों में ,से एक तिंजिन नींजे ने कहा कि उईघुर नेता कार्यक्रम में शामिल होने के लिए धर्मशाला आ रहे हैं और चीन द्वारा उन्हें आतंकी कहना बिल्कुल गलत है।
Uyghur leader Dolkun Isa is visiting Dharamsala,China wrong in calling him a terrorist-Tenzin Ninjey,Event Organizer pic.twitter.com/s023lIhfRL
— ANI (@ANI_news) April 23, 2016