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Shah Faesal: पर्यटन मंत्रालय में उप सचिव बने शाह फैसल, तीन महीने पहले भारतीय प्रशासनिक सेवा में की थी वापसी
Sat, 13 Aug 2022 07:20 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 13 Aug 2022 07:20 PM IST
सार
शाह फैसल ने 2019 में अपनी सरकारी सेवाओं से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने खुद की जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट नाम की राजनीतिक पार्टी बनाई थी।
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आईएएस अधिकारी शाह फैसल
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारतीय प्रशासनिक सेवा में लौटने के तीन महीने बाद शाह फैसल को केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय में उप सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
जम्मू-कश्मीर कैडर के 2010 बैच के आईएएस अधिकारी शाह फैसल की नियुक्ति के आदेश को इस सप्ताह के शुरूआत में मंजूरी दे दी गई थी। फैसल ने इस्तीफा वापस लेने का आवेदन किया था। सरकार ने आवेदन को स्वीकार करने के बाद अप्रैल के अंतिम सप्ताह में उनको सेवा में फिर से बहाल कर दिया था।
शाह फैसल जम्मू और कश्मीर से भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा के पहले टॉपर रहे हैं। उन्होंने इस साल की शुरुआत में सरकारी सेवा में अपनी वापसी के संकेत दिए थे।
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फैसल ने 2019 में 'बढ़ती असहिष्णुता' को लेकर अपनी सरकारी सेवाओं से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने खुद की जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट नाम की राजनीतिक पार्टी बनाई थी। हालांकि 2020 में ही उन्होंने राजनीति से किनारा कर लिया था और सोशल मीडिया में दोबारा प्रशासनिक सेवा में आने का इरादा जताया था।
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था, मेरे जीवन के आठ साल इतने भारी रहे कि मैं लगभग समाप्त हो गया था। एक कल्पना का पीछा करते हुए मैंने लगभग वह सबकुछ खो दिया जो मैंने वर्षों में बनाया था। काम, मित्र, प्रतिष्ठा, सार्वजनिक सद्भावना सब। लेकिन मैंने उम्मीद नहीं खोई। मेरे आदर्शवाद ने मुझे निराश किया।
"लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था कि मैं अपने द्वारा की गई गलतियों को सुधारूंगा। जिंदगी मुझे एक और मौका देगी। मेरे जीवन का एक हिस्सा उन आठ महीनों की यादों से थक गया है और उस विरासत को मिटाना चाहता है, बाकी समय मिटा देगा।"
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जम्मू-कश्मीर कैडर के 2010 बैच के आईएएस अधिकारी शाह फैसल की नियुक्ति के आदेश को इस सप्ताह के शुरूआत में मंजूरी दे दी गई थी। फैसल ने इस्तीफा वापस लेने का आवेदन किया था। सरकार ने आवेदन को स्वीकार करने के बाद अप्रैल के अंतिम सप्ताह में उनको सेवा में फिर से बहाल कर दिया था।
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शाह फैसल जम्मू और कश्मीर से भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा के पहले टॉपर रहे हैं। उन्होंने इस साल की शुरुआत में सरकारी सेवा में अपनी वापसी के संकेत दिए थे।
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फैसल ने 2019 में 'बढ़ती असहिष्णुता' को लेकर अपनी सरकारी सेवाओं से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने खुद की जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट नाम की राजनीतिक पार्टी बनाई थी। हालांकि 2020 में ही उन्होंने राजनीति से किनारा कर लिया था और सोशल मीडिया में दोबारा प्रशासनिक सेवा में आने का इरादा जताया था।
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था, मेरे जीवन के आठ साल इतने भारी रहे कि मैं लगभग समाप्त हो गया था। एक कल्पना का पीछा करते हुए मैंने लगभग वह सबकुछ खो दिया जो मैंने वर्षों में बनाया था। काम, मित्र, प्रतिष्ठा, सार्वजनिक सद्भावना सब। लेकिन मैंने उम्मीद नहीं खोई। मेरे आदर्शवाद ने मुझे निराश किया।
"लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था कि मैं अपने द्वारा की गई गलतियों को सुधारूंगा। जिंदगी मुझे एक और मौका देगी। मेरे जीवन का एक हिस्सा उन आठ महीनों की यादों से थक गया है और उस विरासत को मिटाना चाहता है, बाकी समय मिटा देगा।"