फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   This Machine can prevent delhi from severe air pollution

मशीन जो दिल्ली की 'सांसें' वापस लाने में निभा सकती है अहम रोल

Fri, 17 Nov 2017 03:18 PM IST
बीबीसी, हिन्दी
बीबीसी, हिन्दी Updated Fri, 17 Nov 2017 03:18 PM IST
विज्ञापन
This Machine can prevent delhi from severe air pollution
delhi smog

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर थोड़ा घटने के बाद सरकार ने इस सिलसिले में लगाए गए कुछ प्रतिबंधों को वापस ले लिया है। ट्रकों के आने पर लगाई गई रोक हटा ली गई है और निर्माण कार्यों पर पर लगाई गई पाबंदी में भी राहत दी गई है।

विज्ञापन


लोग निजी गाड़ी लेकर न निकलें, इसके लिए बढ़ाई गई पार्किंग की दरों को भी वापस ले लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक पर्याप्त सार्वजनिक परिवहन न होने की वजह से यह रोक प्रभावी नहीं रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक दिल्ली में प्रदूषण का खतरनाक स्तर पर पहुंच गया था।
विज्ञापन


पढ़ें: दिल्ली-NCR में स्मॉग का कारण थी खाड़ी देशों से आई धूल
विज्ञापन
विज्ञापन


वातावरण से सोखी जा सकेगी कार्बन डाई ऑक्साइड

इसी बीच स्विट्जरलैंड की एक कंपनी ने एक ऐसी तकनीक ईजाद की है जिससे कार्बन डाई ऑक्साइड को वायुमंडल से सीधे सोखा जा सकता है। इस समय धरती के वायुमंडल में कार्बन डाई ऑक्साइड का घनत्व रिकॉर्ड तोड़ चुका है और इसे लेकर पूरी दुनिया में चिंता जाहिर की जा रही है।

इस समय बॉन में जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र की बैठक हो रही है और कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन को सीमित रखने के लिए सहमति बनाने की कोशिश हो रही है।

क्या है तकनीक?

This Machine can prevent delhi from severe air pollution

ज्यूरिख के बाहरी इलाके में हिनविल रिसाइक्लिंग केंद्र के बाहर 18 विशाल पंखों वाली मशीन को रखा गया है। हर पंखा एक वॉशिंग मशीन के आकार का है ये पंखे आसपास की हवा को खींचते हैं। अंदर मौजूद रसायन की परत लगा फिल्टर कार्बन डाइ ऑक्साइड को सोख लेता है। जब ये फिल्टर 100 डिग्री सेल्सियत तक गरम हो जाते हैं तो वो शुद्ध कार्बन डाई ऑक्साइड को इकट्ठा करते हैं।

इस तकनीक को डायरेक्ट एयर कैप्चर सिस्टम का नाम दिया गया है जिसे स्विस कंपनी क्लाइमवर्क्स ने तैयार किया है। ये मशीन एक साल में वायुमंडल से 900 टन कार्बन डाई ऑक्साइड को इकट्ठा कर सकती है। कंपनी इस कार्बन डाई ऑक्साइड को 600 डॉलर प्रति टन के दाम पर सब्जी उगाने वालों को बेचती है जो काफी महंगा है।

असल में शुद्ध कार्बन डाई ऑक्साइड को मछली से लेकर कंक्रीट बनाने, कार सीट से लेकर टूथपेस्ट और तेल खनन से लेकर ई-डीजल बनाने तक में इस्तेमाल किया जाता है। अमरीका में तो कार्बन डाई ऑक्साइड का कारोबार काफी तेजी से फल फूल रहा है।

कितना व्यावहारिक?

This Machine can prevent delhi from severe air pollution

क्लाइमवर्क्स के सह संस्थापक इयान वर्जबेकर का कहना है कि 'पहली बार हम CO2 व्यावसायिक रूप से बेच रहे हैं। ये अपनी तरह का पहला प्रयास है।' उनके अनुसार, 'अभी ये तकनीक महंगी है और हम लागत को 100 डॉलर प्रति टन तक लाने की कोशिश करेंगे। इस तकनीक को व्यापक बनाकर इसकी लागत को कम किया जा सकता है।'

कंपनी 2015 तक कार्बन डाई ऑक्साइड के वैश्विक उत्सर्जन का एक प्रतिशत वायुमंडल से निकालना चाहती है। लेकिन इस कोशिश के लिए ऐसी 7।5 लाख मशीनें लगानी होंगी। इन्हें चलाने के लिए भी बहुत ज्यादा मात्रा में ऊर्जा की जरूरत होगी। डायरेक्ट एयर कैप्चर सिस्टम पर कनाडा में दो अन्य कंपनियां कार्बन इंजीनियरिंग कंपनी और फिनिश जर्मन कन्सोर्शियम भी कोशिश में हैं।

पहले ही बहुत देर हो चुकी है
हालांकि विशेषज्ञ इसके व्यावहारिक होने पर सवाल उठा रहे हैं लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि वायुमंडल में कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा को सीमा में रखने का मौका दुनिया गंवा चुकी है और इस तरह की तकनीक की अब जरूरत है।

इयान वर्जबेकर का कहना है, "20 साल पहले कार्बन उत्सर्जन को कम किए जाने पर जोर देने की बात सही थी, लेकिन 2050 तक वायुमंडल से 10 गीगा टन कार्बन डाई ऑक्साइड हर साल निकालने की जरूरत है।" आज से आठ लाख साल पहले के मुकाबले कार्बन डाई ऑक्साइड का घनत्व अधिक है, हालांकि इस गैस की मात्रा वायुमंडल में 0.04 प्रतिशत है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed