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24 साल पहले सबरीमाला मंदिर में इस महिला आईएएस अधिकारी ने किया था पहली बार प्रवेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Updated Sun, 30 Sep 2018 06:17 PM IST
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केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से 175 किलोमीटर दूर स्थित सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर मनाही को असंवैधानिक बताते हुए सर्वोच्च न्यायालय महिलाओं के हक में फैसला दे चुका है। हालांकि, इजाजत मिलने से लगभग 24 साल पहले एक महिला आईएएस अधिकारी मंदिर में जा चुकी हैं। केरल हाईकोर्ट के आदेश पर वह मंदिर में प्रवेश करने वाली पहली महिला थीं। इस दौरान वह आधिकारिक ड्यूटी पर थीं।
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1994-95 में पथानमथिट्टा जिले की कलेक्टर रहीं केबी वलसाला कुमारी ने अपने कार्यकाल के दौरान कम से कम चार बार सबरीमाला मंदिर में प्रवेश किया था। उस वक्त मंदिर में 10 से 50 साल आयु की महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी थी, लेकिन वार्षिक महोत्सव की तैयारियों को धेखते हुए केरल हाईकोर्ट ने उन्हें मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति दी थी। हालांकि कोर्ट ने उन्हें 18 पवित्र सीढ़ियां चढ़ने की अनुमति नहीं दी थी, जिनसे मुख्य मंदिर में प्रवेश किया जाता है।
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सेवानिवृत्त हो चुकीं वलसाला कुमारी बताती हैं कि उस वक्त मेरी उम्र 41 वर्ष थी। करीब एक घंटे की पैदल यात्रा के बाद मैं मंदिर पहुंची। मेरे लिए यह काफी रोमांचक था क्योंकि इसके बारे में सिर्फ सुना भर था। मुझे भगवान अयप्पा के दर्शन की इजाजत नहीं दी गई थी। मुझे पवित्र सीढ़ियों के नीच खड़े होकर ही पूजा करनी पड़ी थी।
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मंदिर में चलाया स्वच्छता अभियान
पूर्व आईएएस अधिकारी ने बताया कि यात्रा के दौरान उन्होंने सबरीमाला मंदिर के आसपास कूड़े के ढेर देखे। फूल माला, पूजा सामग्री और कपड़े वहां कई वर्षों से फेंके जा रहे थे। इसके बाद सरकार ने वहां पर बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान चलाया। सबरीमाला पहाड़ी के पारिस्थितिक तंत्र को समझते हुए उन्होंने ही वहां प्रकृति अनुकूल शौचालयों का निर्माण कराया।