फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   These are 5 points, how india will be affected on Qatar ban

कतर से खाड़ी देशों के झगड़े में 'फंसेगा' भारत, उठाने पड़ेंगे ये पांच नुकसान

Tue, 06 Jun 2017 09:37 AM IST
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल Updated Tue, 06 Jun 2017 09:37 AM IST
विज्ञापन
These are 5 points, how india will be affected on Qatar ban

खाड़ी के चार देशों द्वारा कतर पर प्रतिबंध लगाने और सभी संबंध समाप्त करने का नुकसान भारत को भी उठाना पड़ेगा। खाड़ी देशों के इस झगड़े में भारत के हितों का भी नुकसान होना तय है।

विज्ञापन


हालांकि अभी कतर पर लगाए गए प्रतिबंधों पर भारत की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है माना जा रहा है कि केंद्र सरकार अभी इस मुद्दे पर वेट एंड वाच की स्थिति में है। लेकिन ये तय है कि अगर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और मिश्र ने लंबे समय तक कतर से अपने संबंध खत्म रखे तो कहीं न कहीं नुकसान भारत को भी उठाना पड़ेगा। चलिए, डालते हैं एक निगाह उन बातों पर जो कतर पर प्रतिबंधों के बीच भारत को भी नुकसान पहुंचा सकती है।
विज्ञापन


जा सकती हैं भारतीयों की नौकरियां
प्रवासियों के मुल्क कतर में सबसे ज्यादा प्रवासी लोगों की संख्या भारत से गए लोगों की है। कतर पर पाबंदी लगने के बाद साफ है कि उनके हित भी प्रभावित होंगे। कतर में बसे भारतीयों में से काफी लोग ऐसे भी हैं जो कतर में व्यापार करते हैं और वो अन्य खाड़ी मुल्कों सऊदी अरब, यूएई, बहरीन और मिश्र में भी फैला हुआ है। ऐसे में अब उन लोगों के सामने दिक्‍कतें खड़ी हो सकती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

पड़ेगा भारत के साथ व्यापार पर असर

These are 5 points, how india will be affected on Qatar ban
कतर के साथ भारत की ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में कई संधियां हैं। कतर को निर्यात करने वाला भारत तीसरा सबसे बड़ा देश है। प्रतिबंधों का असर कतर के व्यापार पर भी पड़ सकता है। 

गैस सप्लाई पर भी पड़ सकता है असर

खाड़ी का यह मुल्क भारत को बड़ी मात्रा में LNG गैस सप्लाई करता है। एक अनुमान के मुताबिक भारत अपनी जरूरत की 65 फीसदी गैस कतर से ही आयात करता है। इसके अलावा कई भारतीय कंपनियां भी कतर के साथ समय समय पर गैस का अनुबंध करती रही हैं। इसके अलावा भारत कतर से एथलीन, प्रोपलीन, अमोनिया, यूरिया और पोलिथिन का आयाता करता है। इसलिए व्यापार का संतुलन कतर के पक्ष में भारी रहा है। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार साल 2014-15 में कतर के लिए भारत का निर्यात 1 अरब डॉलर से अधिक था। हालांकि कुछ समय पहले कतर के निर्यात में गिरावट के कारण द्विपक्षीय व्यापार में काफी कमी आई है।

कतर में काम कर रही भारतीय कंपनियों के सामने आ सकती है दिक्‍कत

These are 5 points, how india will be affected on Qatar ban
भारत से कतर को किए जाने वाले निर्यात में मशीनरी और कल पुर्जे, टांसपोर्ट पुर्जे, स्टील, प्लास्टिक, निर्माण सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक और रबड़ का सामान भेजा जाता है। इसके अलावा भारत की कई बड़ी कंपनियां बड़े पैमाने पर कतर में व्यापार करती हैं, इनमें से कई कंपनियां तो कतर के निर्माण क्षेत्र में भी बड़ी भागीदार हैं। जिनमें लार्सन एंड टर्बो लिमिटेड, शपूरजी पलोनजी ग्रुप, वोल्टाज, सिंप्लेक्स इन्फ्रास्टक्चर, टीसीएस, विप्रो, महिंद्रा टेक, एचसीएल टेक्नोलॉजी आदि प्रमुख हैं। इसके साथ ही सावर्जनिक क्षेत्र के बैंक एसबीआई, आईसीआईसीआई सहित कई बैंकों की बड़ी संख्या में शाखाएं कतर में कार्यरत हैं।

बढ़ सकते हैं तेल के दाम
कतर के विवाद की एक बड़ी समस्या ये भी है कि इसके चलते तेलों के दामों में बढोत्तरी हो सकती है जिसका खामियाजा सीधे सीधे भारतीय बाजार को उठाना पड़ेगा। अगर चार देशों के प्रतिबंध के कारण कतर की वित्तीय स्थितियों पर असर पड़ता है तो इसका खामियाजा वहां काम कर रहे भारतीय कामगरों को भी उठाना पड़ सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed