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CJI: 'कॉलेजियम प्रणाली में रखेंगे पूर्ण पारदर्शिता, योग्यता पर नहीं होगा कोई समझौता', सीजेआई गवई का बयान
Fri, 04 Jul 2025 09:50 PM IST
निर्मल कांत
एजेंसी, मुंबई।
एजेंसी, मुंबई।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 04 Jul 2025 09:50 PM IST
सार
CJI: सीजेआई बीआर गवई ने कॉलेजियम व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता लाने का आश्वासन दिलाया और कहा कि योग्यता से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने समाज के सभी वर्गों को न्यायपालिका में प्रतिनिधित्व देने की बात कही। गवई बॉम्बे बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में बोल रहे थे और उन्होंने खुद से जुड़ी नियुक्ति प्रक्रिया का भी जिक्र किया।
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सीजेआई बी.आर. गवई
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
सीजेआई जस्टिस बीआर गवई ने जजों की नियुक्ति की कॉलेजियम प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता लाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि योग्यता से कभी समझौता नहीं किया जाएगा और समाज के सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व मिलेगा। सीजेआई गवई उनकी पदोन्नति के सम्मान में बॉम्बे बार एसोसिएशन के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
सीजेआई गवई ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपांकर दत्ता ने पिछले सप्ताह नागपुर में एक कार्यक्रम में कॉलेजियम के कामकाज में हस्तक्षेप के बारे में बात की थी। मैं सभी को आश्वस्त करता हूं कि हम पूरी पारदर्शिता की प्रक्रिया अपनाएंगे। योग्यता से कभी समझौता नहीं किया जाएगा। हमारे पास समाज के सभी वर्गों के प्रतिनिधि होंगे। सभी अनुशंसित नामों का अनुसरण किया जाएगा।
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उन्होंने आगे कहा कि जब 2019 में सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति के लिए उनके नाम की सिफारिश की गई थी, तो कॉलेजियम के एक जज इसके पक्ष में नहीं थे। पिछले छह वर्षों से जब मेरा नाम सुप्रीम कोर्ट के लिए चर्चा में था, तब मैंने इसे गुप्त रखा था, कॉलेजियम के एक जज को कुछ आपत्ति थी।
सीजेआई ने कहा, इस जज को लगा कि अगर मुझे पदोन्नत किया गया तो मुंबई के कुछ वरिष्ठ वकीलों में अशांति पैदा हो सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक जज का कर्तव्य हमेशा न्याय करना और संविधान को बनाए रखना है। उन्होंने हमेशा ऐसा करने का प्रयास किया है। सीजेआई गवई ने कहा कि जब उन्हें सीजेआई के रूप में नियुक्त किया गया था, तो उन्होंने मीडिया को कोई साक्षात्कार देने या किसी रोडमैप के बारे में बोलने से इन्कार कर दिया था।
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सीजेआई गवई ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपांकर दत्ता ने पिछले सप्ताह नागपुर में एक कार्यक्रम में कॉलेजियम के कामकाज में हस्तक्षेप के बारे में बात की थी। मैं सभी को आश्वस्त करता हूं कि हम पूरी पारदर्शिता की प्रक्रिया अपनाएंगे। योग्यता से कभी समझौता नहीं किया जाएगा। हमारे पास समाज के सभी वर्गों के प्रतिनिधि होंगे। सभी अनुशंसित नामों का अनुसरण किया जाएगा।
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उन्होंने आगे कहा कि जब 2019 में सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति के लिए उनके नाम की सिफारिश की गई थी, तो कॉलेजियम के एक जज इसके पक्ष में नहीं थे। पिछले छह वर्षों से जब मेरा नाम सुप्रीम कोर्ट के लिए चर्चा में था, तब मैंने इसे गुप्त रखा था, कॉलेजियम के एक जज को कुछ आपत्ति थी।
सीजेआई ने कहा, इस जज को लगा कि अगर मुझे पदोन्नत किया गया तो मुंबई के कुछ वरिष्ठ वकीलों में अशांति पैदा हो सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक जज का कर्तव्य हमेशा न्याय करना और संविधान को बनाए रखना है। उन्होंने हमेशा ऐसा करने का प्रयास किया है। सीजेआई गवई ने कहा कि जब उन्हें सीजेआई के रूप में नियुक्त किया गया था, तो उन्होंने मीडिया को कोई साक्षात्कार देने या किसी रोडमैप के बारे में बोलने से इन्कार कर दिया था।