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सुशांत राजपूत मामले की जांच कर रही 'एनसीबी' के इस अफसर को हुई थी 15 साल की जेल, ड्रग्स तस्करी में किया था गिरफ्तार
Wed, 23 Sep 2020 05:08 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Wed, 23 Sep 2020 05:08 PM IST
सार
एनसीबी में रहे पूर्व ज्वाइंट डायरेक्टर एवं निलंबित आईपीएस साजी मोहन को ड्रग्स की अवैध तस्करी मामले में पिछले साल ही मुंबई के एनडीपीएस कोर्ट ने 15 साल की सजा सुनाई थी...
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Rhea chakraborty
- फोटो : PTI (for Reference)
विस्तार
सुशांत सिंह राजपूत केस की ड्रग्स एंगल से जांच करने के लिए आई केंद्रीय एजेंसी, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने मुंबई के बॉलीवुड में तहलका मचा रखा है। कथित तौर पर ड्रग का सेवन करने वाले बॉलीवुड कलाकारों, निर्देशकों और इस धंधे में शामिल लोगों का यह सोच कर पसीना छूट रहा है कि एनसीबी की पूछताछ में अगला नंबर किसका होगा। कई लोगों का यह आरोप भी है कि एनसीबी किसी राजनीतिक प्रभाव में तो काम नहीं कर रही है। क्या ये एजेंसी ड्रग्स माफिया की जड़ों तक पहुंच पाएगी।
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एनसीबी में रहे पूर्व ज्वाइंट डायरेक्टर एवं निलंबित आईपीएस साजी मोहन को ड्रग्स की अवैध तस्करी मामले में पिछले साल ही मुंबई के एनडीपीएस कोर्ट ने 15 साल की सजा सुनाई थी। एनडीपीएस कोर्ट ने साजी मोहन के साथ साथ उनके बॉडीगार्ड राजेश कुमार को भी 10 साल के लिए सलाखों के पीछे भेज दिया था। खास बात ये है कि इस मामले को महाराष्ट्र एटीएस ने ही अंजाम तक पहुंचाया था।
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स्पेशल नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत अदालत ने 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी साजी मोहन को यह सजा 2009 में अवैध रूप से 37 किलोग्राम हेरोइन रखने के लिए सुनाई थी। विशेष न्यायाधीश एमएस मुंगले ने जब आरोपी आईपीएस को दोषी करार दिया, तो उन्होंने कहा था, आरोपी बहुत पढ़ा लिखा और एक आईपीएस अधिकारी था। वह नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के चंडीगढ़ जोन में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत था। इतने बड़े पद पर बैठा व्यक्ति खुद ड्रग्स की अवैध तस्करी में शामिल हो, यह अच्छी बात नहीं है।
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बता दें कि साजी मोहन को 2009 में महाराष्ट्र एटीएस ने ड्रग्स का धंधा करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपी के ठिकाने से करीब 40 किलोग्राम ड्रग्स भी जब्त होने की बात कही गई। महाराष्ट्र एटीएस को यह सूचना मिली थी कि मुंबई के बाहरी इलाके में स्थित एक ठिकाने पर ड्रग्स की बड़ी खेप उतरने वाली है। एटीएस ने इस मामले में एक गप्पी यानी ड्रग पेडलर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान सनसनीखेज खुलासा हुआ।सामने आया कि ये खेल तो बहुत बड़ा है।इसमें खुद वो आईपीएस शामिल है, जो एनसीबी में बड़े पद पर कार्यरत रहा है।साजी मोहन का नाम सामने आते ही एटीएस सक्रिय हो गई। चूंकि साजी मोहन आईपीएस थे और उस वक्त ड्यूटी पर थे, इसलिए बहुत सोच समझकर और तथ्य जुटाकर आगे बढ़ा गया।
एटीएस ने लंबे समय तक साजी मोहन पर नजर रख कर यह पता लगाया कि उनके बारे में जो बातें सामने आई हैं, वे सही हैं या नहीं। एटीएस ने एक फर्जी ग्राहक के जरिए ड्रग्स की बड़ी डील तय की। इसी चक्कर में साजी मोहन रंगे हाथ पकड़ा गया। साजी मोहन के ठिकाने से करीब 40 किलोग्राम ड्रग्स जब्त कर ली गई। यह ड्रग्स बॉलीवुड स्टार के यहां और कई दूसरी बड़ी पार्टियों में पहुंचाई जानी थी। ड्रग्स के मामले में गत वर्ष साजी मोहन को दूसरी बार सजा दी गई। इससे पहले 2013 में चंडीगढ़ की ही एक अदालत ने साजी मोहन को ड्रग्स बेचने के लिए 13 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। भ्रष्टाचार के एक मामले में उन्हें पांच साल की सजा दी गई थी।