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Covid-19: रैपिड जांच किट्स में भारी मुनाफाखोरी, सरकार बोली-होगी सख्त कार्रवाई 

Tue, 28 Apr 2020 07:29 AM IST
संजीव कुमार झा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 28 Apr 2020 07:29 AM IST
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The government will take action against black marketing
लव अग्रवाल, संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य मंत्रालय - फोटो : ANI

महामारी के दौर में  भी चीन से आयात की गई रैपिड जांच किट्स में भारी मुनाफाखोरी की गई।  245 रुपए में किट आयात कर 600 रुपए में सप्लाई की गई। यानी 145 फीसदी मुनाफा कमाया गया। यह खुलासा तब हुआ जब आयातक-वितरक के बीच का विवाद दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा था। मामला उजागर होने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि मुनाफाखारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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उधर, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने यह स्पष्ट किया है कि टेंडर प्रक्रिया के तहत ही किट्स को खरीदा गया था। इसमें सरकार को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है क्योंकि इन कंपनियों को भारत ने एडवांस पेमेंट में पूरा भुगतान नहीं किया है। टेंडर में साफ साफ लिखा है कि अगर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलती है तो किट्स को वापस कर दिया जाएगा। साथ ही भुगतान भी नहीं किया जाएगा। इसके अलावा आईसीएमआर ने सोमवार को जारी आदेश में किट्स के परिणामों में अंतर बताते हुए राज्यों से इन्हें वापस लौटाने और आरटी पीसीआर पर ही भरोसा करने के लिए कहा है।
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दरअसल 16 अप्रैल को चीन से आईं 5.5 लाख किट्स की खेप एक आयातक कंपनी मैट्रिक्स लैब्स के जरिए आई थीं। देश में जब इन पर रोक लगी तो डिस्ट्रीब्यूटर रेयर मेटाबोलिक्स ने आयातक मैट्रिक्स लैब्स के खिलाफ एक याचिका दी थी। विवाद था कि आयातक बाकी 2.24 लाख किट आईसीएमआर को नहीं भेज रहा। आयातक बोला, उसे 21 करोड़ में से अभी सिर्फ 12.75 करोड़ का ही भुगतान हुआ है। जबकि करार के मुताबिक आयातक को बाकी 8.25 करोड़ रुपये के भुगतान करना है। 
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लॉजिस्टिक को लेकर कोई वादा नहीं 

आईसीएमआर ने बताया, यह कोटेशन फ्री ऑन बोर्ड था, जिसमें लॉजिस्टिक को लेकर कोई वादा नहीं किया गया था। यह कोटेशन बिना किसी गारंटी के 100 फीसदी एडवांस भुगतान पर आधारित था। किट आपूर्ति की समयसीमा पर कोई वादा नहीं किया गया था। कीमतों में उतार-चढ़ाव के लिए किट के दाम अमेरिकी डॉलर में बताए गए थे।

‘हद है...आपदा में भी मुनाफाखोरी’

दिल्ली हाईकोर्ट में चीनी किट्स के रेट में गोलमाल का मामला जैसे ही उजागर हुआ विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किट की आपूर्ति में मुनाफाखोरी का आरोप लगाया और प्रधानमंत्री से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

राहुल ने कहा, हद है देश राष्ट्रीय आपदा से लड़ रहा है, तब भी कुछ लोग मुनाफाखोरी से नहीं चूक रहे। इस भ्रष्ट मानसिकता पर शर्म आती है, घिन आती है। हम प्रधानमंत्री से मांग करते हैं कि इन मुनाफाखोरों पर जल्द कड़ी कार्रवाई की जाए। देश उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। 

अहमद पटेल ने भी ऊंची कीमत पर उठाया सवाल

टेस्ट किट पर अधिक दाम वसूले जाने पर कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने भी सवाल उठाया। पटेल ने ट्वीट किया, दिल्ली हाईकोर्ट ने भी सवाल उठाया था कि 245 रुपये प्रति यूनिट में आयात किट 600 रुपये में क्यों खरीदी जा रही है।  किसी को भी गरीबों की कीमत पर लाभ नहीं कमाना चाहिए।

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