कोरोना: अक्टूबर तक दूसरे देशों को वैक्सीन नहीं देगी सरकार, भारत में ही होगा टीके का इस्तेमाल
कोरोना वैक्सीन को लेकर केंद्र ने अहम फैसला लिया है। अब सरकार अक्टूबर के आखिर तक टीके की किसी भी बड़ी खेप का निर्यात नहीं करेगी।
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कोरोना महामारी के कारण देशभर में इस घातक वायरस से संक्रमित होने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में सरकारें टीकाकरण अभियान में तेजी लाने में जुटी हुई हैं। हालांकि, इस बीच कई राज्यों में कोरोना वैक्सीन की कमी होने की बात सामने आ रही है। इतना ही नहीं, विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह देशवासियों को पर्याप्त टीका न देकर अन्य देशों को टीका भेज रही है। अब केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकारी सूत्रों ने बताया है कि केंद्र सरकार अक्टूबर 2021 के आखिर तक कोरोना वैक्सीन की किसी भी बड़ी खेप का निर्यात नहीं करेगी और वैक्सीन का इस्तेमाल देश में ही किया जाएगा।
दुनिया पर इस निर्णय का क्या असर पड़ेगा ?
सरकार के इस निर्णय से दुनियाभर में टीकों की आपूर्ति के लिए शुरू की गई पहल 'कोवैक्स' को भारी नुकसान होने की आशंका है। भारत के इस निर्णय से बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका और कई अफ्रीकी देशों के सामने वैक्सीन का संकट खड़ा हो गया है।
कुछ देशों को फिलहाल नहीं मिलेगी वैक्सीन
आपको बता दें कि भारत अभी तक वैक्सीन की 6.6 करोड़ डोज निर्यात कर चुका है। सूत्रों ने बताया है कि भारत अब अपने देश में ही टीकाकरण को बढ़ावा देगा क्योंकि यहां स्थिति हर रोज बदतर होती जा रही है। आंतरिक रूप से भारत ने कुछ देशों को कह भी दिया है कि वह मौजूदा स्थिति में भारत से वैक्सीन पाने की उम्मीद न रखें। हालांकि, यह बात सामने नहीं आई है कि ऐसे कौन से देश हैं, जिन्हें सरकार की ओर से टीके नहीं दिए जाएंगे।
भारत से वैक्सीन निर्यात कब तक शुरू होगा?
इस सवाल पर दो अन्य सूत्रों का कहना है कि भारत से दोबारा वैक्सीन का निर्यात इस पर निर्भर करेगा कि भारत कितनी जल्दी कोरोना की दूसरी लहर को नियंत्रित कर लेगा। सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि हमारा फोकस फिलहाल भारत में वैक्सीन आपूर्ति पर है। हमें पहले यह अनुमान था कि दूसरे देशों को जून से वैक्सीन निर्यात होने लगेगी। हालांकि, इस पूरे विषय पर विदेश मंत्रालय ने अभी तक कोई बयान नहीं दिया है।