पीएम मोदी के शाहजहांपुर दौरे के बाद कर्ज में डूबे किसान ने लगाई फांसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसान कल्याण रैली के पांच दिन बाद ही जिले में सिंधौली के गांव मूर्छा में बैंक कर्ज से परेशान बुजुर्ग किसान हरिनंदन दीक्षित ने फंदा लगाकर जान दे दी। सुसाइड नोट में किसान ने लिखा है-कर्ज माफ नहीं होने पर वह कोई भी कदम उठा सकता है। हरिनंदन ने 16 अप्रैल 2015 को आईडीबीआई बैंक से 60 हजार रुपये का कर्ज लिया था। समय से अदायगी नहीं होने पर कर्ज की देय रकम बढ़ती चली गई। अभी उन पर 2,18,587 रुपये का कर्ज था। उनके पुत्र दिलीप ने बताया कि वह कर्ज माफी योजना के बाद बैंक के चक्कर लगाते रहे।
आरोप है कि बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की लापरवाही की वजह से कर्ज माफी की योजना में वह शामिल नहीं हो पाए जिससे वह परेशान रहते थे। सोमवार शाम करीब चार बजे जिला मुख्यालय जाने की बात कहकर घर से निकले थे। मंगलवार सुबह छह बजे दिलीप के बेटे प्रियल ने खेत में झोपड़ी में बाबा के फंदे पर लटके होने की जानकारी दी।
हरिनंदन पर बैंक कर्ज था। परिजनों के मुताबिक उन्होंने इसी वजह से आत्महत्या की है, लेकिन यह जांच का विषय है। जो सुसाइड नोट मिला है उसकी भी राइटिंग का मिलान कराया जाएगा।
मनोज कुमार सिंह, इंस्पेक्टर सिंधौली