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अगला चुनाव ‘घृणा बनाम प्रेम’ बनाने की कांग्रेस की कोशिश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 22 Jul 2018 04:07 AM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बीच अविश्वास प्रस्ताव पर हुई नोकझोंक का राष्ट्रीय राजनीति पर असर होता जा रहा है। जहां राहुल गांधी ने अगले चुनाव प्रचार का आधार घृणा बनाम प्रेम बनाने के स्पष्ट संकेत दिए हैं वहीं शिव सेना ने राहुल के भाषण की प्रशंसा कर बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
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राहुल गांधी ने एक ट्वीट कर कल संसद में हुई बहस का सार बताने की कोशिश की। उन्होंने ट्विटर पर लिखा - प्रधानमंत्री घृणा का प्रयोग करते हैं। हमारे कुछ लोगों के दिल में व्याप्त भय और क्रोध ही उनके भाषण का आधार है।
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लेकिन हम साबित करके रहेंगे कि सभी भारतवासियों के दिलों का प्यार और दया ही राष्ट्र निर्माण का एकमात्र रास्ता है। शनिवार की बहस के दौरान उन्होंने भाजपा पर नफरत फैलाने के आरोप लगाए थे।
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वहीं, प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी की झप्पी को ‘गले पड़ना’ करार दे, उसके असर को कम करने की कोशिश की।
वैसे ही राहुल द्वारा अपने साथी सांसदों की ओर शरारती अंदाज में आंख झपकाने से जाहिर हो गया था कि वे प्रेम और नफरत की परिभाषा केवल राजनीतिक मायनों के लिए ही कर रहे हैं।
शिवसेना ने की राहुल की तारीफ
लेकिन भाजपा के लिए ज्यादा मुश्किल उसकी अपनी सहयोगी शिवसेना कर रही है। शनिवार को न सिर्फ सेना ने मतदान का बहिष्कार किया बल्कि उसके प्रवक्ता संजय राउत ने राहुल के भाषण की तारीफ करते हुए उसे मोदी के लिए बड़ा झटका बताया।
दरअसल, शिवसेना मोदी की आलोचना और राहुल की प्रशंसा कर, भाजपा पर उसे ज्यादा सीटें देने का दबाव बना रही है। भाजपा के सामने मुश्किल यही है कि वह शिवसेना से नाता तोड़ नहीं सकती क्योंकि इससे महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार गिर जाएगी। और साथ लेकर चलने में भी समस्या है क्योंकि सेना के नेताओं के सुर और तीखे होते जा रहे हैं।
उद्धव ने हटाया भाजपा समर्थक चीफ व्हिप
संसद में शिवसेना के चीफ व्हिप चंद्रकांत खैरे ने पहले सरकार के पक्ष में मतदान करने का व्हिप जारी किया था। लेकिन सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इसे पलट कर न सिर्फ सेना सांसदों को मतदान से अनुपस्थित करने के निर्देश दिए बल्कि बिना अनुमति के व्हिप जारी करने के आरोप में खैरे को भी पद से हटा दिया।