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Hindi News ›   India News ›   The Confederation of Ex Paramilitary Forces Welfare Association was not invited to the National Council meeting of the JCM

केंद्रीय सुरक्षा बलों के सेवारत और रिटायर्ड जवानों के संगठन को जेसीएम बैठक का न्योता नहीं, पीएम से शिकायत

Fri, 25 Jun 2021 04:49 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 25 Jun 2021 04:49 PM IST
सार

कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन का कहना है कि एसोसिएशन के प्रतिनिधि, केंद्र सरकार के सामने सुरक्षा बलों के महंगाई भत्ते, शिक्षा-स्वास्थ्य और भलाई से संबंधित दूसरे मुद्दों को विचार के लिए रख सकते हैं...

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The Confederation of Ex Paramilitary Forces Welfare Association was not invited to the National Council meeting of the JCM
सीमा सुरक्षा बल के जवान। - फोटो : PTI (फाइल फोटो)

विस्तार

केंद्रीय कार्मिकों के प्रतिनिधि समूह 'नेशनल काउंसिल ऑफ जेसीएम' की बैठक 26 जून को होने जा रही है। कैबिनेट सचिव राजीव गौबा इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें डीओपीटी और वित्त मंत्रालय के अधिकारी शामिल रहेंगे। कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह का कहना है कि ये संगठन केंद्रीय सुरक्षा बलों के 11 लाख सेवारत और 08 लाख रिटायर्ड जवानों का प्रतिनिधित्व करता है। इनके हितों के लिए समय-समय पर आवाज उठाई जाती है। नियमित तौर पर प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय में ज्ञापन दिए जाते हैं। केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर जवानों के हितों के लिए जरूरी कदम उठाने बाबत गुहार लगाई जाती है। इन सबके बावजूद जेसीएम की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन को न्योता नहीं दिया गया।

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रणबीर सिंह के मुताबिक, कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन को जेसीएम की बैठक का न्योता मिलना चाहिए। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा गया है। 23 जून को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि वित मंत्रालय, डीओपीटी व जेसीएम काउंसिल के बीच में कमर्चारियों के डीए, डीआर व अन्य भलाई से संबंधित मुद्दों को लेकर जो मीटिंग होने जा रही है, उसमें पूर्व अर्धसैनिक बलों के प्रतिनिधियों को शामिल नहीं किया गया है। एक तरफ तो सरकार केंद्रीय सुरक्षा बलों को सीसीएस रूल्स के तहत काउंट करती है तो दूसरी ओर हमें जेसीएम काउंसिल की होने वाली बैठकों से दूर रखा जाता है। अगर यही होता रहा तो सरहदों के चौकीदारों की भलाई से संबंधित मुद्दों की बात कौन करेगा। देखने में आया है कि केंद्रीय सुरक्षा बलों के हितों को लेकर काम कर रही एसोसिएशन को कभी भी जेसीएम बैठक में नहीं बुलाया जाता। पीएम को लिखे पत्र में कहा गया है कि नई जेसीएम काउंसिल की बैठक में सुरक्षा बलों के प्रतिनिधि को शामिल किया जाए।
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कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन का कहना है कि एसोसिएशन के प्रतिनिधि, केंद्र सरकार के सामने सुरक्षा बलों के महंगाई भत्ते, शिक्षा-स्वास्थ्य और भलाई से संबंधित दूसरे मुद्दों को विचार के लिए रख सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि एसोसिएशन को जेसीएम की बैठक में शामिल होने का न्योता मिले। कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन पिछले सात सालों से शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर अर्धसैनिक बलों के लिए बेहतर सुविधाओं की मांग करती रही है। 26 जून को होने वाली बैठक में सुरक्षा बलों की 2004 से बंद पैंशन बहाली का मुद्दा कौन उठाएगा। रणबीर सिंह ने बताया, 30 जून को ट्वीटर पर पुरानी पैंशन बहाली अभियान चलाया जाएगा। इसका मकसद, इस गंभीर मुद्दे की तरफ सरकार का ध्यान दिलाना है।

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