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कैशलेस भुगतान में तेजी लाने के लिए 2,500 करोड़ रुपये की केंद्र सरकार की मदद जरूरी

Thu, 10 Dec 2020 07:55 AM IST
Kuldeep Singh बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Thu, 10 Dec 2020 07:55 AM IST
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The Central government will have to help 2500 crore rupees to accelerate cashless payments
UPI Payments - सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala

देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कैशलेस भुगतान में तेजी लाने पर जोर देना होगा। यह सरकार के बिना मदद के संभव नहीं है। आईआईटी बॉम्बे ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भीम यूपीआई के जरिए कैशलेस भुगतान में तेजी लाने के लिए सरकार को वित्तीय मदद मुहैया करानी होगी। इसके लिए बजट में अलग से 2,500 करोड़ रुपये का प्रावधान करना होगा।

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आरबीआई को ऐसी व्यवस्था से बचना चाहिए, जहां ग्राहकों को कैशलेस भुगतान पर शुल्क देना पड़े
रिपोर्ट में कहा गया है कि आम तो उपभोक्ता को डिजिटल माध्यमों से भुगतान करने पर सुविधा शुल्क चुकाना पड़ता है। ऐसे में आरबीआई को ऐसी व्यवस्था बनाने से बचना चाहिए, जहां कैशलेस भुगतान के लिए ग्राहकों को सुविधा शुल्क देना पड़े। आईआरसीटीसी का हवाला देते हुए कहा गया है कि जिस प्रकार भीम-यूपीआई से भुगतान पर आईआरसीटीसी छूट देती है, उसी राह पर ई-कॉमर्स कंपनियों अमेजॉन, फ्लिपकार्ट, जोमैटो, मेकमाईट्रिप, स्विगी और एयरटेल आदि को भी चलना चाहिए।
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आईआईटी-बोम्बे की रिपोर्ट... सरकार के समर्थन बिना भीम यूपीआई से लेनदेन में नहीं होगा इजाफा

भीम यूपीआई से लेनदेन के आंकड़े

  • नवंबर 2020 में भीम-यूपीआई के जरिए 221 करोड़ रुपए से ज्यादा का लेन-देन हुआ।
  • एनपीसीआई के मुताबिक, जून में सिर्फ यूपीआई से 2.62 लाख करोड़ का लेनदेन हुआ था।
  • 2019 में यूपीआई का इस्तेमाल सर्वाधिक बढ़ा था। इस दौरान 10.8 अरब का लेनदेन।


भीम-यूपीआई से प्रतिस्पर्धा नहीं, नकदी की होगी बचत...
यह रिपोर्ट आईआईटी बॉम्बे के गणित विभाग की ओर से तैयार की गई है। इसमें सुझाव दिया गया है कि देश में स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है और लोग कैशलेस भुगतान की तरजीह दे रहे हैं। साथ ही भीम-यूपीआई की डिजिटल भुगतान के अन्य साधनों को कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। ऐसे में सरकार के समर्थन से नकदी की पर्याप्त बचत होगी।

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बैंकों को बुनियादी ढांचे पर करना होगा निवेश
रिपोर्ट के मुताबिक, भीम-यूपीआई के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और नकदी का डिजिटल विकल्प तैयार करने के लिए सरकार एवं आरबीआई को ध्यान देना होगा। साथ ही इसके प्रदर्शन को मजबूत करने के लिए बैंकों एवं सेवा प्रदाताओं को अपने बुनियादी ढांचे एवं सुरक्षा को भी उन्नत बनाना होगा। इसके लिए निवेश पर जोर देना होगा। साथ ही इसके इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए लोगों को जागरूक करना होगा।

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