जम्मू व कश्मीर में जीरो टॉलरेंस के बावजूद आतंकवादी घटनाओं में इजाफा, 4 साल में 1864 आतंकी घटनाएं
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(10 नवंबर तक)
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, जम्मू-कश्मीर में स्थिति सामान्य है
केंद्रीय गृहमंत्री ने बुधवार को राज्यसभा में कहा, कश्मीर में हालात बिल्कुल सामान्य हैं। कश्मीर में जनजीवन पूरी तरह पटरी पर है। वहां सभी स्कूल, अस्पताल व अदालत से लेकर सारे सरकारी दफ्तर सुचारू रूप से काम कर रहे हैं। इसी सदन में कहा गया था कि विशेष राज्य का दर्जा छिनने के बाद जम्मू-कश्मीर में खून की नदियां बहेंगी, लेकिन 5 अगस्त के बाद से लेकर अब तक वहां पुलिस फायरिंग में वहां एक भी नागरिक की जान नहीं गई है। पाँच अगस्त के बाद पत्थरबाजी की घटनाओं में काफी कमी आई है। पिछले साल इसी अवधि तक 802 पत्थरबाजी की घटनाएं हुई थी, लेकिन इस साल अब तक 544 घटनाएं हुई हैं। सभी 93,247 लैंडलाइन कनेक्शन चालू हो चुके हैं।
इनके अलावा 59 लाख मोबाइल फोन भी चालू हालत में हैं। जहां तक बात इंटरनेट सर्विस की है तो वक्त आने पर यह भी बहाल हो जाएगी। फिलहाल आवश्यक कार्यों के लिए 10 जिलों में टर्मिनल्स काम कर रहे हैं। श्रीनगर शहर के अस्पतालों की ओपीडी में सितंबर महीने में 7 लाख 67 हजार, जबकि अक्टूबर महीने में 7 लाख 91 हजार मरीजों का इलाज हुआ है।
शाह ने कहा, 1995-96 में देश में मोबाइल फोन आया, लेकिन कश्मीर में इसकी शुरुआत 2003 में ही हो सकी। आज सिर्फ सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वहां इंटरनेट बंद है। स्थानीय प्रशासन की ओर से जब भी स्थिति अनुकूल होगी, इंटरनेट सुविधा फिर से बहाल कर दी जाएगी। कश्मीर में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत लगाए गए सारे प्रतिबंध सभी 195 थाना क्षेत्रों से हटाए जा चुके हैं।