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हार्दिक पटेल के साथी की गिरफ्तारी के बाद सूरत में तनाव, तोड़फोड़ कर बस फूंकी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सूरत
Updated Mon, 20 Aug 2018 08:10 AM IST
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Surat
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अहमदाबाद अपराध शाखा द्वारा देशद्रोह के एक पुराने मामले में हार्दिक पटेल के करीबी साथी पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता अल्पेश कठेरिया को गिरफ्तार करने के विरोध में भीड़ ने आज रात सूरत में बीआरटीएस की एक बस फूंक दी और एक बस स्टैंड पर तोड़फोड़ की जिससे शहर में तनाव पैदा हो गया।
योगी चौक इलाके में बस को आग लगाई गई और वरच्छा इलाके में बस स्टैंड पर तोड़फोड़ की गई। भीड़ ने सड़कों पर टायर भी फूंके और पथराव किया। कठेरिया को अहमदाबाद में अपराध शाखा ने उस समय गिरफ्तार किया जब वह सांकेतिक उपवास पर बैठने जा रहे थे। सूरत पुलिस आयुक्त सतीश शर्मा ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
बता दें कि कल अहमदाबाद में हार्दिक पटेल समेत कई पाटीदार नेताओं को क्राइम ब्रांच ने हिरासत में ले लिया था। हार्दिक समेत ये नेता एक दिन की भूख हड़ताल पर निकोल के लिए रवाना होने वाले थे। पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने किसानों के लिए अनशन करने का ऐलान किया था, लेकिन उससे पहले ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया। हार्दिक ने शनिवार को ही गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी को एक खुला पत्र लिखकर यह ऐलान किया था।
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साथियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस हार्दिक के घर पहुंची और उन्हें अनशन पर जाने से पहले ही हिरासत में ले लिया गया। बता दें कि अपने इस अनशन के लिए हार्दिक ने पहले ही अहमदाबाद नगर निगम और अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर से अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई थी। जिसके बावजूद वो आज काली पट्टी बांध अपना विरोध जताने के लिए वहां भूख हड़ताल पर बैठने वाले थे।
शनिवार को हार्दिक पटेल ने गुजरात के मुख्यमंत्री को जो पत्र लिखा उसमें उन्होंने कहा कि क्या गुजरात में जनता को सवाल पूछने का भी हक नहीं है? विरोध करना, शांतिपूर्ण आंदोलन करना, सरकार की नीतियों के सामने अपनी असहमति जताने के अधिकार सरकार छीन रही है। हमे शांतिपूर्ण तरीके से उपवास आंदोलन करने की अनुमति ना देना, सुप्रिम कोर्ट और संविधान में दिए हमारे अधिकारों का भंग होना है। वहीं निदर्लीय विधायक जिग्नेश मेवानी ने कहा कि हार्दिक पटेल की गिरफ्तारी भाजपा की बौखलाहट है।
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योगी चौक इलाके में बस को आग लगाई गई और वरच्छा इलाके में बस स्टैंड पर तोड़फोड़ की गई। भीड़ ने सड़कों पर टायर भी फूंके और पथराव किया। कठेरिया को अहमदाबाद में अपराध शाखा ने उस समय गिरफ्तार किया जब वह सांकेतिक उपवास पर बैठने जा रहे थे। सूरत पुलिस आयुक्त सतीश शर्मा ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
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बता दें कि कल अहमदाबाद में हार्दिक पटेल समेत कई पाटीदार नेताओं को क्राइम ब्रांच ने हिरासत में ले लिया था। हार्दिक समेत ये नेता एक दिन की भूख हड़ताल पर निकोल के लिए रवाना होने वाले थे। पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने किसानों के लिए अनशन करने का ऐलान किया था, लेकिन उससे पहले ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया। हार्दिक ने शनिवार को ही गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी को एक खुला पत्र लिखकर यह ऐलान किया था।
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साथियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस हार्दिक के घर पहुंची और उन्हें अनशन पर जाने से पहले ही हिरासत में ले लिया गया। बता दें कि अपने इस अनशन के लिए हार्दिक ने पहले ही अहमदाबाद नगर निगम और अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर से अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई थी। जिसके बावजूद वो आज काली पट्टी बांध अपना विरोध जताने के लिए वहां भूख हड़ताल पर बैठने वाले थे।
शनिवार को हार्दिक पटेल ने गुजरात के मुख्यमंत्री को जो पत्र लिखा उसमें उन्होंने कहा कि क्या गुजरात में जनता को सवाल पूछने का भी हक नहीं है? विरोध करना, शांतिपूर्ण आंदोलन करना, सरकार की नीतियों के सामने अपनी असहमति जताने के अधिकार सरकार छीन रही है। हमे शांतिपूर्ण तरीके से उपवास आंदोलन करने की अनुमति ना देना, सुप्रिम कोर्ट और संविधान में दिए हमारे अधिकारों का भंग होना है। वहीं निदर्लीय विधायक जिग्नेश मेवानी ने कहा कि हार्दिक पटेल की गिरफ्तारी भाजपा की बौखलाहट है।
हार्दिक पटेल की गिरफ्तारी भाजपा की बौखलाहट दिखाती है। यदि रूपानी सरकार के पास हार्दिक की डिमांड्स मानने का कोई तरीका नहीं वह समज शकते है। लेकिन हार्दिक पटेल या किसी भी नागरिक के आंदोलन करने के या अनशन पर बैठने के लोकतांत्रिक अधिकारो का हनन नहीं ही किया जा शकता। i m with Hardik
— Jignesh Mevani (@jigneshmevani80) August 19, 2018