बंगाल हिंसा: भाटपाड़ा पहुंचा भाजपा प्रतिनिधिमंडल, ममता के खिलाफ हुई नारेबाजी
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पश्चिम बंगाल में राजनैतिक हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में हिंसा को लेकर अब केंद्र सरकार सख्त नजर आ रही है। हालात का जायजा लेने के लिए भाजपा का तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भाटपाड़ा पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल के सामने लोगों ने पुलिस हाय-हाय और ममता हाय-हाय के नारे लगाए।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल एसएस अहलूवालिया ने कहा कि भाटपारा में हुई हिंसा से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह काफी दुखी हैं। ऐसी घटनाएं केवल पश्चिम बंगाल में हो रही हैं। हम संबंधित व्यक्तियों से बात करेंगे और गृह मंत्री को रिपोर्ट सौंपेंगे।
एसएस अहलूवालिया ने कहा कि 17 साल के एक लड़के को उस समय गोली मारी गई जब वह कुछ खरीदने जा रहा था। पुलिस ने प्वाइंट ब्लैंक रेंज से उसके सिर में गोली मार दी। एक वेंडर की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। तीसरा अस्पताल में है। 7 लोगों को गोली लगी। पुलिस गुंडों के लिए डंडे और निर्दोष लोगों के लिए गोलियों का इस्तेमाल करती है। इसकी जांच होनी चाहिए।
SS Ahluwalia: A 17-yr-old boy was shot when he going to purchase something. Police shot him in his head from point blank range. A vendor was shot&died on spot. A third is in hospital. 7 people were shot. Police use batons for hooligans&bullets for innocents. It should be inquired https://t.co/nIbo2WSRIT
— ANI (@ANI) June 22, 2019
एसएस अहलूवालिया ने आगे कहा कि पुलिस ने मासूम लोगों को गोली मार दी। पुसिल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कहा था कि उन्होंने हवाई फायरिंग का सहारा लिया था। अगर ऐसा था तो गोली लोगों के शरीर में कैसे प्रवेश कर गई? यह दुर्भाग्य की बात है। छोटे विक्रेताओं के परिवार समाप्त हो गए।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बताया था कि हमारे पार्टी नेतृत्व ने बंगाल से हमारे सांसद एसएस अहलूवालिया के नेतृत्व में तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया है जो शनिवार को बंगाल के भाटपारा का दौरा करेगा। उनके साथ सांसद सत्यपाल सिंह और बी डी राम होंगे।
हलूवालिया पश्चिम बंगाल से सांसद हैं जबकि सत्यपाल सिंह और राम उत्तर प्रदेश और झारखंड से सांसद हैं। प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को एक रिपोर्ट सौंपेगा।
फायरिंग की सीबीआई जांच की मांग
बताया जा रहा है कि भाजपा प्रतिनिधिमंडल के जाने के बाद पश्चिम बंगाल के भाटपाड़ा में फिर से झड़पें हुईं, बम फेंके गए, हिंसा को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। हालांकि पुलिस का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है।
Manoj Verma, Barrackpore, Police Commissioner on Bhatpara: The situation is totally under control. Police is patrolling the area. As Section 144 is imposed here police have chased away people gathered in a place.We have registered cases and investigation is underway. #WestBengal pic.twitter.com/yYJobxJeNN
— ANI (@ANI) June 22, 2019
बता दें कि पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के भाटपाड़ा में तनावपूर्ण स्थिति बनी है। धारा 144 लागू होने के बावजूद शुक्रवार को दो बाइक सवारों ने देसी बम फोड़कर तनाव और बढ़ा दिया। हिंसा के चलते भाटपाड़ा और काकीनाड़ा में कई लोग घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं।
एहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं और भारी तादाद में पुलिस व रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया है। हिंसा के विरोध में भाजपा ने जुलूस निकाला और दोनों मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की सहायता देने का एलान किया है।
सत्तारूढ़ टीएमसी और भाजपा से संबद्ध दो गुटों के बीच बृहस्पतिवार को हुई हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई थी और 11 घायल हो गए थे। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हिंसा के मामले में अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शुक्रवार को भी भाटपाड़ा और काकिनाड़ा में सन्नाटा छाया रहा। दुकानें, बाजार और दफ्तर बंद रहे। भाजपा ने राज्य प्रशासन पर टीएमसी के कार्यकर्ताओं की तरह काम करने का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दोषियों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है।
ममता सरकार ने बैरकपुर के पुलिस आयुक्त तन्मय राय चौधरी को हटाकर दार्जिलिंग के आईजी मनोज कुमार वर्मा को नियुक्त किया है। इससे पहले डीजीपी वीरेंद्र ने हिंसा प्रभावित इलाके का दौरा किया। उन्होंने बताया कि 11 घायलों में छह पुलिसकर्मी हैं। पुलिस फायरिंग में दो लोगों की मौत के आरोप पर डीजीपी ने कहा कि मौत की वजहों की जांच की जा रही है।
भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भाटपाड़ा फायरिंग की जांच सीबीआइ से कराने की मांग की है। वहीं, राज्य के मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक ने कहा कि भाजपा भाटपाड़ा हिंसा में अपनी भागीदारी के सुबूतों से छेड़छाड़ करना चाहती है। भाजपा इस क्षेत्र में बंगाली व अल्पसंख्यक परिवारों पर हमले कर रही है।