Telangana: तेलंगाना सीएम ने BRS सुप्रीमो के चंद्रशेखर राव पर साधा निशाना, कहा- मैं फार्म हाउस सीएम नहीं
सीएम ने कहा कि हम केंद्र से अपना बकाया एक-एक पैसा पाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। इसलिए मैं कई बार दिल्ली गया हूं और प्रधानमंत्री सहित केंद्रीय मंत्रियों से मिला हूं।
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तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने बीआरएस सुप्रीम के. चंद्रशेखर राव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैं फार्म हाउस मुख्यमंत्री नहीं हूं। मुझे केंद्र से राज्य का उचित हिस्सा पाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी जाने में कोई शर्म नहीं है।
तेलंगाना प्रजा पालन दिनोत्सवम पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद एक सभा में रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने वित्तीय स्थिति को ठीक करने और छह चुनावी गारंटियों को पूरा करने को चुनौतियों के रूप में लिया है। सरकार लगभग सात लाख करोड़ रुपये के कर्ज का पुनर्गठन करके और राजस्व क्षति को रोककर राज्य की अर्थव्यवस्था को व्यवस्थित करने का काम कर रही है।
सीएम ने कहा कि हम केंद्र से अपना बकाया एक-एक पैसा पाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। इसलिए मैं कई बार दिल्ली गया हूं और प्रधानमंत्री सहित केंद्रीय मंत्रियों से मिला हूं। उन्होंने कहा कि मेरी दिल्ली यात्राओं की आलोचना की जा रही है। मैं कोई फार्म हाउस मुख्यमंत्री नहीं हूं जो कुछ भी किए बिना घर बैठा रहूं। मैं अपने निजी काम के लिए दिल्ली नहीं जा रहा हूं। दिल्ली न तो पाकिस्तान में है और न ही बांग्लादेश में। यह हमारे देश की राजधानी है।
उन्होंने आगे कहा कि संघीय व्यवस्था में राज्यों और केंद्र के बीच कई मुद्दे होंगे और वह करों में राज्य का उचित हिस्सा पाने के लिए दिल्ली जाएंगे। रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना युवाओं के विकास के लिए रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। नशीली दवाओं को नियंत्रित करने और उन्मूलन के लिए सख्त उपायों का पालन किया जा रहा है। तेलंगाना सरकार इस साल इंदिरम्मा आवास योजना के तहत प्रत्येक घर के निर्माण के लिए पांच लाख रुपये की वित्तीय सहायता देकर 54.50 लाख घर बनाने जा रही है।
सीएम ने कहा कि तेलंगाना सरकार ने 87 करोड़ मुफ्त बस यात्राएं कराईं। इससे महिलाओं को 2,958 करोड़ रुपये की बचत हुई है। उन्होंने दोहराया कि सरकार ने झीलों को अवैध रूप से कब्जा करने वालों से मुक्त कराने के लिए हैदराबाद आपदा प्रतिक्रिया और संपत्ति निगरानी और संरक्षण एजेंसी (हाइड्रा) की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि एजेंसी के निर्माण के पीछे कोई राजनीतिक मकसद नहीं है। केवल प्रकृति की रक्षा की प्रतिबद्धता है।
17 सितंबर 1948 को हैदराबाद की रियासत का भारतीय संघ में विलय हुआ था। सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार इसे तेलंगाना प्रजा पालन दिनोत्सवम के रूप में मना रही है। भाजपा इसे हैदराबाद मुक्ति दिवस कहती है। जबकि पिछली बीआरएस सरकार ने इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया था।
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