तेलंगाना: एक और ड्राइवर ने की आत्महत्या की कोशिश, सड़क पर खाना बनाकर कर्मचारियों का प्रदर्शन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांच अक्तूबर से हड़ताल पर चल रहे तेलंगाना राज्य पथ परिवहन निगम (टीएसआरटीसी) के कर्मियों में से एक बस चालक की आत्मदाह करने से हुई मौत के बाद आक्रोश और भड़क गया है। हैदराबाद में निगम के हजारों कर्मियों ने रविवार को अपोलो डीआरडीओ अस्पताल के सामने प्रदर्शन किया।
एक कर्मचारी के खुदकुशी करने के बाद आरटीएससी के एक और कर्मचारी ने विरोध प्रदर्शन के दौरान आत्महत्या करने की कोशिश की। पुलिस आयुक्त वारंगल ने कहा कि टीएसआरटीसी की नरसम्पेट डिपो में ड्राइवर बथिनी रवि ने खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आत्महत्या करने की कोशिश की। पुलिस और अन्य लोगों ने उसे आग लगाने से रोका। इसके अलावा कर्मचारियों ने रोड पर खाना बनाकर प्रदर्शन किया।
Telangana: Another RTC employee attempted suicide today during a protest in Narsampet. Police Commissioner, Warangal says,"Bathini Ravi, a driver at TSRTC, Narsampet Depot, poured kerosene on himself&tried to set himself ablaze. Police&others prevented him from lighting himself" https://t.co/ZaUFlWgBI2
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 13, 2019
पांच अक्तूबर से जारी हड़ताल के बीच शनिवार को एक बस चालक ने आत्मदाह कर लिया था। उसे फौरन अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन काफी बुरी तरह जल जाने के कारण रविवार को उसने दम तोड़ दिया। उसकी मौत के बाद हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा।
बस चालक के परिजनों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के कड़े व्यवहार के कारण वह काफी तनाव में रहता था। परिवहन निगम कर्मियों के प्रति राज्य सरकार का कड़ा रुख और यूनियन की मांगें नहीं माने जाने के कारण बस चालक चिंतित रहता था और इसी तनाव के बीच उसे आत्मदाह जैसा कड़ा कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा।
मालूम हो कि टीएसआरटीसी के 48 हजार कर्मी और मजदूर यूनियन सदस्य पांच अक्तूबर से ही हड़ताल पर हैं और कार्य का बहिष्कार कर रखा है। संयुक्त कार्यसमिति के आह्वान पर हड़ताल पर गए कर्मियों की 26 तरह की मांग है। इनकी प्रमुख मांग है कि परिवहन निगम का सरकार में समायोजन किया जाए, ताकि 48 हजार कर्मी सरकारी कर्मचारी हो जाएं।
परिवहन निगम के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने हड़ताल वापस लेने के लिए पांच अक्तूबर की शाम तक का समय (डेडलाइन) दिया था। इसके बावजूद निगम के कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े थे और दो दिन से चली आ रहे प्रदर्शन को वापस नहीं लिया।
इस फैसले के बाद छह अक्तूबर को सीएम केसीआर ने 48 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से बाहर निकाल दिया। सीएम के चंद्रशेखर राव ने इसे अनुचित अपराध कहा था। सीएम केसीआर ने बर्खास्त किए गए कर्मचारियों से किसी भी तरह की बातचीत से इंकार कर दिया था।