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Nimas: निमास टीम ने माउंट रेओ पुर्गिल सफलतापूर्वक किया फतह, अगला पड़ाव उत्तराखंड का दुर्जेय पर्वत

Sat, 27 May 2023 09:10 PM IST
जलज मिश्रा डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Sat, 27 May 2023 09:10 PM IST
सार

टीम हिमाचल प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी रेओ पुरगिल पर चढ़ाई करने हर शिखर तिरंगा 11 मई 2023 को प्रदेश के किन्नौर जिले के नाको गांव पहुंची। हर शिखर तिरंगा (एचएसटी) एक अनोखा और साहसिक खोज है, जिसका पहले कभी प्रयास नहीं किया गया है।

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Team Nimas successfully conquered Mount Reo Purgil next stop is durjay mountain of Uttarakhand
पर्वतमाला - फोटो : Pixabay

विस्तार

राष्ट्रीय पर्वतारोहण और साहसिक खेल संस्थान (निमास) के अनुभवी पर्वतारोहियों की एक टीम ने उत्तर पूर्वी राज्यों के सबसे ऊंचे पहाड़ों को फतह करने के बाद दुर्गम रास्तों से होकर हिमाचल प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी रेओ पुरगिल पहुंचने में कामयाबी हासिल कर ली है। टीम ने अब उत्तराखंड के दुर्जेय पर्वत कामेट को अगला लक्ष्य बनाया है।

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उत्तर पूर्वी राज्यों के सबसे ऊंचे पहाड़ों को फतह किया
टीम हिमाचल प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी रेओ पुरगिल पर चढ़ाई करने हर शिखर तिरंगा 11 मई 2023 को प्रदेश के किन्नौर जिले के नाको गांव पहुंची। हर शिखर तिरंगा (एचएसटी) एक अनोखा और साहसिक खोज है, जिसका पहले कभी प्रयास नहीं किया गया है। कठिन प्रयास में अरुणाचल प्रदेश के दिरांग स्थित राष्ट्रीय पर्वतारोहण और साहसिक खेल संस्थान (निमास) के अनुभवी पर्वतारोहियों की एक टीम ने पहले ही सात उत्तर पूर्वी राज्यों के सबसे ऊंचे पहाड़ों को फतह कर लिया है और अब हिमाचल प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचने के लिए यात्रा शुरू कर दी है।

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बर्फबारी के कारण बेस कैंप तक नहीं पहुंच सके
हिमालय के दक्षिण जांस्कर रेंज के रेओ पुर्गिल भाग में पिछले पांच दशकों में केवल तीन बार पर्वतारोहियों ने सफलतापूर्वक चढ़ाई की है। रेओ पुर्गिल पहाड़ में अत्यधिक तकनीकी चुनौतियों और बड़े पत्थर एवं बर्फ सहित कठिन ढाल के कारण इस पर चढ़ने का बहुत कम ही प्रयास किया जाता है। पिछले 10 वर्षों में इस फाड़ पर चढ़ने के केवल दो प्रयास किए गए हैं जो सफल नहीं हुए हैं। निमास की टीम को पहाड़ी उपकरणों और राशन अपने साथ लेकर जाना पड़ा क्योंकि बर्फबारी के कारण खच्चर बेस कैंप तक नहीं पहुंच सके। टीम ने शिखर पर पहुंचने से पहले 5417 मीटर और 6170 मीटर की ऊंचाई पर दो कैंप लगाए। बर्फ और चट्टानी इलाके के दुर्गम रास्ते से टीम के सदस्यों ने 18 घंटे में गंतव्य शिखर तक पहुंचे। कर्नल रणवीर सिंह जम्वाल के नेतृत्व में टीम 22 मई 2023 को दोपहर दो बजकर पचास मिनट पर शिखर पर पहुंची। टीम 22 मई 2023 को शाम 07:55 बजे बेस कैंप में और आखिर में 24 मई 2023 की शाम को नाको गांव पहुंची। यहां पूह ब्लॉक के पार्षद शांता कुमार नेगी, लेक व्यू होटल के महाप्रबंधक गौरव, नवांग समेत कई गणमान्य ग्रामीणों ने टीम के सदस्यों का स्वागत किया। निमास की टीम अब हिमाचल प्रदेश से उत्तराखंड जा रही है जहां एक और दुर्जेय पर्वत कामेट (7756 मीटर) पर चढ़ाई करेगी।

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