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Tahawwur Rana: 2005 में 26/11 आतंकी हमले की साजिश का हिस्सा बना था तहव्वुर राणा, ऐसे बनाया था प्लान

Mon, 17 Feb 2025 04:02 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई। Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 17 Feb 2025 04:02 PM IST
सार

Tahawwur Rana: तहव्वुर राना 2005 में 26/11 मुंबई हमले की साजिश में शामिल हुआ था, और वह लश्कर-ए-तैयबा और एचयूजेआई का सदस्य था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने राना की भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दी है, और वह इस मामले में प्रत्यर्पण के बाद मुकदमे का सामना करने वाला तीसरा अभियुक्त होगा। 

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Tahawwur Rana became part of 26/11 terror attack conspiracy in 2005: officials
तहव्वुर राणा - फोटो : एएनआई

विस्तार

तहव्वुर हुसैन राणा साल साल 2005 में लश्कर-ए-तैयबा और हरकत उल-जिहाद-ए-इस्लामी (एचयूजेआई) के सदस्य के रूप में 26/11 मुंबई आतंकी हमले की साजिश का हिस्सा बना। उसके पाकिस्तान में रहने वाले साजिशकर्ताओं के साथ करीबी संबंध थे। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। 

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लॉस एंजिल्स के हिरासत केंद्र में है राणा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को घोषणा की कि उनके प्रशासन ने राणा के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी। ट्रंप ने उसे 'साजिशकर्ताओं और दुनिया के दुष्ट लोगों में से एक' बताया था।  राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है और पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकवादी और मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक डेविड कोलमैन हेडली का करीबी सहयोगी है। 2023 में 14 साल की सजा पूरी करने बाद से वह लॉस एंजिल्स के एक मेट्रोपोलिटन हिरासत केंद्र में निगरानी में है। 
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प्रत्यर्पण के बाद मुकदमे का सामना करेगा
तहव्वुर राणा इस मामले में तीसरा व्यक्ति होगा, जिसे प्रत्यर्पण के बाद भारत में मुकदमे का सामना करना पड़ेगा। इससे पहले अजमल कसाब और जबीउद्दीन अंसारी उर्फ अबु जंदाल को मुकदमे का सामना करना पड़ा था। नवंबर 2012 में कसाब को पुणे की यरवदा जेल में फांसी दी गई थी। 
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एनआई ने आरोपपत्र में क्या कहा
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के आरोपपत्र के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और हरकत-उल-जिहाद-अल-इस्लामी (एचयूजेआई) के सदस्य के रूप में राणा 2005 की शुरुआत में पाकिस्तान स्थित अन्य साजिशकर्ताओं के साथ मिलकर मुंबई में आतंकवादी हमले को अंजाम देने के लिए आपराधिक साजिश में शामिल हुआ था। 

एनआईए की जांच के दौरान मुंबई आतंकवादी हमलों के सह-साजिशकर्ता के रूप में राणा की भूमिका सामने आई। राणा को 27 अक्तूबर 2009 को एफबीआई ने गिरफ्तार किया था और एनआईए ने 2011 में भारतीय दंड संहिता और सार्क आंतकवाद निरोधक संधि के तहत विभिन्न धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया था। 

हेडली को वीजा दिलाने में की थी मदद
एक अधिकारी ने बताया कि राणा ने हेडली को भारत के लिए वीजा दिलाने में मदद की थी और मुंबई में एक कथित 'आप्रवासी कानून केंद्र'  बनाया था, जो एक मुखौटे के रूप में काम करता था। राणा ने 13 नवंबर से 21 नवंबर 2008 के बीच अपनी पत्नी समरा राणा अख्तर के साथ हापुड़, दिल्ली, आगरा, कोच्चि, अहमदाबाद और मुंबई की यात्रा की थी। उसकी शुरुआती योजना में विभिन्न शहरों में स्थित चबाड हाउस पर हमला शामिल था। 
 
पाकिस्तान स्थित साजिशकर्ताओं से था संपर्क
हेडली जून 2006 में अमेरिका गया था और राणा से मुलाकात की थी, जहां दोनों ने भविष्य की योजना पर चर्चा की। राणा पाकिस्तान के एक और साजिश्कर्ता मेजबर इकबाल के भी संपर्क में था, जो 26/11 के हमले में शामिल था। हेडली और राणा ने पाकिस्तान में रहने वाले साजिशकर्ताओं से अपने संपर्क छिपाने के लिए हरसंभव कदम उठाए थे। चूंकि राणा सेना से भगोड़ा था, हेडली ने उसे मेजर इकबाल के जरिए मदद का आश्वासन दिया था। 

पहली भारत यात्रा के दौरान फोन पर 32 बार बात
अधिकारियों ने बताया, हेडली ने भारत में आप्रवासी कानून केंद्र की मुंबई शाखा कार्यालय की स्थापना के लिए वीजा हासिल करने के लिए आवेदन किया था और जुलाई 2007 में राणा ने उसका वीजा दस साल के लिए बढ़वाया था। 26/11 हमले के साजिशकर्ताओं ने हेडली को राणा और उसके संपर्कों से यात्रा की मदद हासिल करने और यात्रा का असली मकसद छिपाने का निर्देश दिया था। हेडली की पहली यात्रा के दौरान उसने राणा से फोन पर 32 बार बात की। बाद में हेडली ने दूसरी यात्रा के दौरान 23 बार, तीसरी बार 40 बार, पांचवीं यात्रा में 37 बार, छठी यात्रा में 33 बार और आठवीं यात्रा में 66 बार राणा से संपर्क किया। 

साजिशकर्ताओं के निर्देश पर हेडली ने लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य साजिद मजीद, अबू काहफा, जकीउर लखवी, अबू अनस से मुगलाबाद में मुलाकात की थी और मेजर इकबाल से लाहौर में जून 2008 में मुलाकात की थी। इन निर्देशों पर हेडलनी ने मुंबई में विभिन्न स्थानों की पहचान की थी, जिन पर हमला किया जाना था। 


मुंबई हमले में मारे गए थे 166 लोग
अक्तूबर 2008 में साजिद मजीद और मेजर इकबाल ने लाहौर में हेडली के घर पर मुलाकात की और हमले की योजना पर चर्चा की। 26 नवंबर 2008 को 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों ने मुंबई के रेलवे स्टेशन, दो लग्जरी होटलो और एक यहूदी केंद्र पर हमला किया था, जिसमें 166 लोग मारे गए। इनमें अमेरिका, ब्रिटेन और इस्राइल के नागरिक भी शामिल थे।  

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