{"_id":"572526f14f1c1b6536a9195c","slug":"swami-becomes-game-changer-for-bjp-against-cong","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वामी बने गेमचेंजर, धराशायी हुई कांग्रेस की रणनीति ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
स्वामी बने गेमचेंजर, धराशायी हुई कांग्रेस की रणनीति
एम संजय/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 01 May 2016 03:16 AM IST
सार
- जल्द नहीं थमेगा अगस्ता पर जारी सियासी संग्राम
- सोनिया गांधी से जुडे़ होने के वजह से मामले को लंबा तूल देगी भाजपा
विज्ञापन
स्वामी
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अगस्ता मामले पर जारी सियासी संग्राम के जल्द थमने के आसार नहीं है। मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस पहली दफे जहां बैकफुट पर है। तो भाजपा ने इस मुद्दे के जरिए कांग्रेस को ऑल आउट करने का लक्ष्य बनाया है।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ पहली दफे हाथ लगे इतने बड़े सियासी मुद्दे को पार्टी यूं ही छोड़ने के मूड में नहीं है। बल्कि इस अहम मुद्दे को वह भरपूर भुनाएगी। आने वाले दिनों में मामले को लेकर निचले स्तर तक भाजपा का कांग्रेस के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलेगा। पार्टी को पूरी तरह से फ्रंटफूट पर खेलने को कहा गया है। वैसे स्थितियां भी ऐसी हैं कि चाहते हुए भी पार्टी मामले में कोई नरमी नहीं बरत सकती है। क्योंकि मामले की कमान सीधे सुब्रहमण्यम स्वामी के हाथ में है।
बताया जा रहा है कि राज्यसभा में उनकी नियुक्ति संघ के दबाव के वजह से हुई थी और आते ही उन्होंने अपनी नियुक्ति को जायज ठहराना शुरू कर दिया है। उन्होंने कांग्रेस का सिरदर्द बढ़ा दिया है। कांग्रेस पर बने सियासी दबाव का सरकार संसद में लाभ उठाना चाहती है। संसद में कामकाज निकालने के प्रयासों के तहत अगस्ता मामले में सरकार के अपने तेवर थोड़े नरम रह सकते हैं। लेकिन भाजपा का सियासी आक्रमण जारी रहेगा। पार्टी को कांग्रेस के खिलाफ ऐसा सियासी मुद्दा हाथ लगा है जिसकी आंच सीधे सोनिया गांधी तक पहुंच रही है।
विज्ञापन
मामले में सोनिया तक सियासी आंच पहुंचता देख भगवा खेमे में बेहद खुशी भी है। तो मामला कहीं सियासी बदले की कवायद न बनकर रह जाए इसलिए पार्टी की ओर से लगातार दलील दी जा रही है कि अगस्ता में कांग्रेस नेताओं पर घूसखोरी का यह आरोप पार्टी या भारत सरकार के किसी मंत्री ने नहीं लगाया है। बल्कि सोनिया के अपने मायके के लोगों ने लगाया है।
वहीं कांग्रेस की बेचैनी ने भी भाजपा का हौसला बढ़ाया है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार यह पहला मौका है जब सोनिया गांधी मीडिया के सवालों का जवाब देने को मजबूर हुई हैं। पार्टी का मानना है कि सोनिया की ये स्थिति दर्शाती हैं कि आरोप बेवजह नहीं हैं। मामले पर पार्टी प्रवक्ता जीवीएल नरसिंह राव ने कहा है कि अगस्ता मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से घिरी हुई है। वैसे कांग्रेस पार्टी पर अगस्ता मामले का सियासी दबाव पूरी तरह दिख भी रहा है।
25 अप्रैल से शुरू हुए संसद के सत्र के दिन तक उत्तराखंड मामले और देश में सूखा के हालातों को लेकर मोदी सरकार बैकफुट पर थी। सरकार उम्मीद कर रही थी कि एकजुट विपक्ष दोनों ही मामलों को लेकर सरकार की मुश्किल बढ़ा सकते हैं। लेकिन अगस्ता मामले में वरिष्ठ नेताओं के नाम सामने आने के बाद से कांग्रेस इस कदर बैकफुट पर गई है कि दोनों ही मुद्दे सियासी सीन से ओझल हो गए हैं।
विज्ञापन
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ पहली दफे हाथ लगे इतने बड़े सियासी मुद्दे को पार्टी यूं ही छोड़ने के मूड में नहीं है। बल्कि इस अहम मुद्दे को वह भरपूर भुनाएगी। आने वाले दिनों में मामले को लेकर निचले स्तर तक भाजपा का कांग्रेस के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलेगा। पार्टी को पूरी तरह से फ्रंटफूट पर खेलने को कहा गया है। वैसे स्थितियां भी ऐसी हैं कि चाहते हुए भी पार्टी मामले में कोई नरमी नहीं बरत सकती है। क्योंकि मामले की कमान सीधे सुब्रहमण्यम स्वामी के हाथ में है।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि राज्यसभा में उनकी नियुक्ति संघ के दबाव के वजह से हुई थी और आते ही उन्होंने अपनी नियुक्ति को जायज ठहराना शुरू कर दिया है। उन्होंने कांग्रेस का सिरदर्द बढ़ा दिया है। कांग्रेस पर बने सियासी दबाव का सरकार संसद में लाभ उठाना चाहती है। संसद में कामकाज निकालने के प्रयासों के तहत अगस्ता मामले में सरकार के अपने तेवर थोड़े नरम रह सकते हैं। लेकिन भाजपा का सियासी आक्रमण जारी रहेगा। पार्टी को कांग्रेस के खिलाफ ऐसा सियासी मुद्दा हाथ लगा है जिसकी आंच सीधे सोनिया गांधी तक पहुंच रही है।
विज्ञापन
मामले में सोनिया तक सियासी आंच पहुंचता देख भगवा खेमे में बेहद खुशी भी है। तो मामला कहीं सियासी बदले की कवायद न बनकर रह जाए इसलिए पार्टी की ओर से लगातार दलील दी जा रही है कि अगस्ता में कांग्रेस नेताओं पर घूसखोरी का यह आरोप पार्टी या भारत सरकार के किसी मंत्री ने नहीं लगाया है। बल्कि सोनिया के अपने मायके के लोगों ने लगाया है।
वहीं कांग्रेस की बेचैनी ने भी भाजपा का हौसला बढ़ाया है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार यह पहला मौका है जब सोनिया गांधी मीडिया के सवालों का जवाब देने को मजबूर हुई हैं। पार्टी का मानना है कि सोनिया की ये स्थिति दर्शाती हैं कि आरोप बेवजह नहीं हैं। मामले पर पार्टी प्रवक्ता जीवीएल नरसिंह राव ने कहा है कि अगस्ता मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से घिरी हुई है। वैसे कांग्रेस पार्टी पर अगस्ता मामले का सियासी दबाव पूरी तरह दिख भी रहा है।
25 अप्रैल से शुरू हुए संसद के सत्र के दिन तक उत्तराखंड मामले और देश में सूखा के हालातों को लेकर मोदी सरकार बैकफुट पर थी। सरकार उम्मीद कर रही थी कि एकजुट विपक्ष दोनों ही मामलों को लेकर सरकार की मुश्किल बढ़ा सकते हैं। लेकिन अगस्ता मामले में वरिष्ठ नेताओं के नाम सामने आने के बाद से कांग्रेस इस कदर बैकफुट पर गई है कि दोनों ही मुद्दे सियासी सीन से ओझल हो गए हैं।