{"_id":"5c8d7cbebdec2214623083e4","slug":"sushma-swaraj-will-start-the-two-day-tour-of-maldives-from-today","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुषमा स्वराज आज से मालदीव के दो दिवसीय दौरे की करेंगी शुरुआत","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सुषमा स्वराज आज से मालदीव के दो दिवसीय दौरे की करेंगी शुरुआत
Sun, 17 Mar 2019 04:16 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Sun, 17 Mar 2019 04:16 AM IST
विज्ञापन
सुषमा स्वराज (फाइल)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज रविवार को अपने दो दिवसीय मालदीव दौरे की शुरुआत करेंगी। नवंबर में मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सालेह की सरकार के सत्ता में आने के बाद द्वीप राष्ट्र में भारत का यह पहला पूर्ण द्विपक्षीय दौरा है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने इस दौरे की घोषणा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य दोनों देशों के मध्य ‘‘घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण’’ संबंधों को और मजबूत बनाना है।
विज्ञापन
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत, मालदीव के साथ अपने संबंधों को सबसे अधिक महत्व देता है, जो विश्वास, पारदर्शिता, आपसी समझ और संवेदनशीलता द्वारा चिह्नित है।’’ सुषमा स्वराज, माले में विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद के साथ द्विपक्षीय बैठक और रक्षा मंत्री मारिया अहमद दीदी, वित्त मंत्री इब्राहिम आमेर, राष्ट्रीय योजना और अवसंरचना मंत्री मोहम्मद असलम, परिवहन और नागरिक उड्डयन मंत्री ऐशाथ नाहुला और आर्थिक विकास मंत्री फैयाज इस्माइल के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगी।
विज्ञापन
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘मंत्री द्विपक्षीय संबंधों की पूर्णत: समीक्षा करेंगे और भविष्य के कार्यक्रमों पर चर्चा करेंगे।’’ विदेश सचिव विजय गोखले और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस दौरे पर स्वराज के साथ जाएंगे। स्वराज, राष्ट्रपति सालेह से सोमवार और संसद के अध्यक्ष कासिम इब्राहिम से रविवार को मुलाकात करेंगी। गृह मामलों के मंत्री शेख इमरान अब्दुल्ला भी स्वराज से मुलाकात करेंगे।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवंबर में केवल सालेह के शपथ समारोह में शामिल होने मालदीव गए थे। इसके अलावा तब कोई ठोस चर्चा नहीं हुई थी। सुषमा स्वराज का यह दौरा अब्दुल्ला यामीन के कार्यकाल के दौरान तनाव में आए समग्र संबंधों को बेहतर बनाने के लिए है। सालेह, पिछले वर्ष दिसंबर में भारत के दौरे पर आए थे, जब भारत ने द्वीप राष्ट्र को 1.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की थी।
दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र की स्थिरता के लिए एक-दूसरे की चिंताओं और आकांक्षाओं के प्रति सचेत रहने के लिए सहमत हुए थे और अपने हितों के लिए किसी भी गतिविधि के लिए अपने संबंधित क्षेत्रों का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी थी।