राज्य संरक्षित आतंकवाद दुनिया के लिए सबसे बड़ी चुनौतीः सुषमा
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ब्रिक्स मीडिया फोरम में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना उस पर तीखा हमला बोला है। फोरम का उद्घाटन करते हुए विदेश मंत्री ने राज्य संरक्षित आतंकवाद को दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए आतंकवाद का किसी भी रूप में संरक्षण और समर्थन देने वाले देशों को दंडित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि दुनिया को आतंकवाद के बढ़ते खतरे को समझते हुए अच्छे और बुरे आतंकवाद की अवधारणा से बाहर आना होगा। इस दौरान विदेश मंत्री ने गोवा में संपन्न हुए ब्रिक्स समिट को सफल बताया।
फोरम के उद्घाटन भाषण में विदेश मंत्री ने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए दुनिया को अब एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाना होगा। इस क्रम में व्यापक दृष्टिकोण रखने वाले संगठन ब्रिक्स को खास तौर पर ध्यान देना होगा।
सच्चाई यह है कि किसी देश की ओर से प्रायोजित और संरक्षित आतंकवाद वर्तमान में दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती है। सकारात्मक पक्ष यह है कि पूरी दुनिया इसे गंभीर खतरा मानते हुए इसे हल्के में नहीं लेने पर राजी है।
ब्रिक्स मीडिया फोरम में सुषमा ने साधा पाक पर निशाना
इसके अलावा पूरी दुनिया अब इस तथ्य को स्वीकार करती है कि आतंकवाद प्रगति, शांति और विकास की राह की सबसे बड़ी बाधा है। ब्रिक्स सम्मेलन की चर्चा करते हुए विदेश मंत्री ने आतंकवाद पर सदस्य देशों के रुख पर संतुष्टि जताई।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन में सदस्य देशों ने आर्थिक समृद्घि की राह में सबसे बड़े खतरे के रूप में आतंकवाद की पहचान की है। सदस्य देशों ने यह भी समझा है कि आतंकवाद वास्तव में दुनिया के लिए खतरा बन चुका है।
जाहिर तौर पर इससे निपटने के लिए विश्व समुदाय को आतंकवाद को किसी भी रूप में मदद देने या समर्थन देने वाले देशों को दंडित करने के लिए तैयार रहना होगा। इस दौरान विदेश मंत्री ने ब्रिक्स के सदस्य देशों की मीडिया से इस मंच को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया।