फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Sushma Swaraj talks to 60 countries for make Bhandari win in ICJ election

ICJ: भारत की जीत के पीछे सुषमा का भी हाथ, भंडारी के लिए 60 देशों से खुद की थी बात

Wed, 22 Nov 2017 10:24 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
टीम डिजिटल/अमर उजाला Updated Wed, 22 Nov 2017 10:24 AM IST
विज्ञापन
Sushma Swaraj talks to 60 countries for make Bhandari win in ICJ election
दलवीर भंडारी

अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) में भारत के दलवीर सिंह भंडारी का जज के तौर पर दोबारा चयन हो गया है। भंडारी ने शुरू से ही अपने सामने खड़े ब्रिटेन के क्रिस्टोफर ग्रीनवुड को कड़ी चुनौती दी थी। फिर आखिरी राउंड में ग्रीनवुड ने अपना नाम वापस ले लिया, जिसके बाद भंडारी को जज चुन लिया गया। भंडारी की जीत को भारत पहले ही एतिहासिक बता चुका है। उनकी इस जीत में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का भी बड़ा हाथ बताया जा रहा है।

विज्ञापन


यह भी पढ़ें: जानें कौन हैं जस्टिस दलवीर भंडारी
विज्ञापन


अधिकारियों के मुताबिक, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भंडारी की दावेदारी को पुख्ता करने के लिए खुद 60 देशों के अपने समकक्षों से बात की थी। यह काम जून महीने में दलवीर सिंह भंडारी के नाम का प्रस्ताव दिए जाने के बाद से ही शुरू हो गया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकारी के मुताबिक, भारत ने शुरू से भंडारी के लिए सघन सकारात्मक अभियान चलाया। विभिन्न स्तरों पर होने वाली बैठकों में हरसंभव तरीके से इस मुद्दे को उठाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुनिया भर के नेताओं के साथ अपनी बैठकों के दौरान भंडारी की उम्मीदवारी के मुद्दे पर बात की। एक अधिकारी ने कहा, भारत ने कभी नकारात्मक अभियान नहीं किया। पूरा अभियान अपने उम्मीदवार की क्षमता और भारत की मजबूत संवैधानिक प्रणाली के दम पर चलाया गया।

1946 से अबतक कभी नहीं हुआ ऐसा

Sushma Swaraj talks to 60 countries for make Bhandari win in ICJ election
ICJ
बता दें कि ब्रिटेन ने उम्मीदवार का नाम वापस लेना अपने आप में हैरान करने वाला है क्योंकि अब ICJ में उसका कोई भी जज नहीं है, 1946 के बाद से अबतक पहले कभी ऐसा नहीं हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम को सैयद अकबरुद्दीन ने भारत का बढ़ता प्रभाव माना है।

क्या है ICJ
आईसीजे यूएन का महत्वपूर्ण न्यायिक अंग है। इसकी स्थापना संयुक्त राष्ट्र के चार्टर द्वारा जून 1945 में की गई थी और अप्रैल 1946 में आईसीजे ने काम करना शुरू किया था। इसका मुख्यालय हेग शहर में है। यह न्यायालय संयुक्त छह प्रमुख अंगों में से एक मात्र ऐसा अंग है जो कि न्यूयॉर्क (अमेरिका) में स्थित नहीं है। न्यायालय के प्रशासनिक व्यय का भार संयुक्त राष्ट्र संघ उठाता है। आईसीजे में कुल 15 जज होते हैं, जिनका कार्यकाल 9 साल के लिए होता है। इसे संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद द्वारा चुने जाते हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed