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बिमारियों से सुरक्षा: निपाह जैसे खतरों से निपटने के लिए बढ़ेगी निगरानी, देश में बन रहा सेटेलाइट सेंटर
Mon, 04 Apr 2022 05:39 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 04 Apr 2022 05:39 AM IST
सार
एनआईवी निपाह जैसी जूनोटिक बीमारियों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। जूनोटिक बीमारियां वह होती हैं जो जानवरों से फैलती हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
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विस्तार
राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) के वैज्ञानिकों का कहना है कि भविष्य में निपाह वायरस एक बड़ा खतरा पैदा कर सकता है। इस तरह की बीमारी के प्रकोप पर निगरानी रखने के लिए सरकार के शीर्ष अनुसंधान निकाय ने पहले ही चमगादड़ों की निगरानी शुरू कर दी है।
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एनआईवी निपाह जैसी जूनोटिक बीमारियों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। जूनोटिक बीमारियां वह होती हैं जो जानवरों से फैलती हैं। संस्थान की निदेशक प्रिया अब्राहम के मुताबिक, साल 2024 तक नागपुर में एक सैटेलाइट सेंटर फॉर वन हेल्थ स्थापित किया जाएगा। इस संस्थान में जानवरों, ह्यूमन वायरस और पर्यावरण पर रिसर्च होगा ताकि विभिन्न बीमारियों से निपटा जा सके।
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दो साल में होगा तैयार
अब्राहम ने बताया कि अगले दो साल में यह सेंटर बनकर तैयार हो जाएगा। कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है और यहां पर हाई कंप्यूटिंग टूल रखे जाएंगे। हम बायो सेफ्टी लेवल 3 लैब बनाएंगे ताकि यह लैब मानव और पशु संक्रमण को संभालने में सक्षम हों।
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