सर्जिकल स्ट्राइक में शामिल अफसर की नसीहत- जरूरत पड़ी तो पाक को फिर सिखाएंगे सबक
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2 जनवरी 2016 को तड़के सुबह 3:30 बजे पंजाब के पठानकोट में वायु सेना स्टेशन पर आतंकी हमला, 18 सितम्बर 2016 को जम्मू और कश्मीर के उरी सेक्टर में एलओसी के पास स्थित भारतीय सेना के स्थानीय मुख्यालय पर दूसरा बड़ा आतंकी हमला...इन हमलों में भारतीय सेना ने झटके में अपने 20 से ज्यादा जवान खो दिए। इन हमलों से भारतीय सेना और सैनिकों में भारी असंतोष देखते हुए मोदी सरकार ने पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक का फैसला लिया।
सर्जिकल स्ट्राइक की धमक इतनी जोरदार है कि दो साल बाद भी उसपर हर दिन राजनीतिक पार्टियों में गहमा गहमी देखने को मिल जाती है। सर्जिकल स्ट्राइक का दो दिन पहले एक वीडियो वायरल हो गया जिसके बाद मोदी सरकार के मंत्री और कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों के नेताओं के बीच बयानबाजी शुरू हो गई। विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर इसका राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया।
इस बयानबाजी के बीच सर्जिकल स्ट्राइक में शामिल आर्मी के अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डीएस हुडा ने कहा है कि सर्जिकल स्ट्राइक का पूरा फैसला राजनीतिक था। बता दें कि हुडा अफसर पूर्वी नॉर्दर्न में आर्मी कमांडर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के राजनीतिक फैसले पर सेना ने अपनी मुहर लगाई और वह सरकार के इस फैसले से पूरी तरह से सहमत थी, क्योंकि हम कुछ करना चाहते थे। हुड्डा बोले कि अगर पाकिस्तान को फिर से हमें कड़ा जवाब देना है तो हमें भविष्य में फिर से इसे दोहराना चाहिए।
Decision finally came from political leadership but military was in agreement that we needed to do something. If we want to send another strong response to Pak in the future we can definitely do it again: Lt General (Retd) DS Hooda who oversaw 2016 #SurgicalStrike Operation pic.twitter.com/kJjI3Xr10X
— ANI (@ANI) June 29, 2018
बता दें कि सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर हमेशा विवाद होता रहा है यहां तक कि पिछले दिनों जारी वीडियो की टाइमिंग को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। लेकिन इस पूरे हमले में शामिल रहे भारतीय सेना के कमांडर हुडा ने वीडियो को सही बताया है। उन्होंने कहा कि वीडियो बिल्कुल सही है लेकिन उसे कांट छांट कर रिलीज किया गया है जो अच्छा है।
यही नहीं उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि वीडियो का बाहर आना अच्छा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने पीओके में भारत द्वारा किसी भी सर्जिकल स्ट्राइक से इनकार किए जाने के बाद एक बार देश में संदेह की स्थिति बन गई थी। उन्होंने कहा कि ऐसे में यह जरूरी हो गया था कि वीडियो जारी किया जाए। उसके बाद यह उन लोगों को सोचना है कि वह इस पूरे मामले को देखकर क्या सोचते हैं। उन्होंने कहा कि वीडियो को जरा देर से जारी किया गया है लेकिन देर आए दुरुस्त आए और कभी नहीं से बेहतर है देर ही सही।