पीएम से मिलकर मनरेगा का सच बताना चाहते हैं सुरेश
- पीएम मोदी ने लिया है इस गांव को गोद
- मनरेगा का सच बयां करना चाहते हैं सुरेश
- जयापुर की तरह नागेपुर का कायाकल्प होने की उम्मीद
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गांव के सुरेश राठौर ,महेंद्र ,मुकेश ने नंदलाल की अगुवाई मे आंदोलन चलाया तो देश के नामचीन हस्तियो का साथ मिला। शिक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, स्वदेशी, बालिका शिक्षा पर गांव मे अभियान चला। गांव के ही सुरेश जो मनरेगा मजदूर संगठन के ब्लाक संयोजक है, मनरेगा मजदूरों के भलाई का काम करते हैं।
मजदूरों को काम दिलाने, बकाया भुगतान कराने, काम मांगने को आवेदन लिखने आदि को लेकर अक्सर ब्लाक पर आ धमकते है।
जयापुर की तरह कायाकल्प होने की उम्मीद
सुरेश राठौर कहते है कि मनरेगा पर उनका गहन अध्ययन है। मौका मिला तो मैं खुद पीएम मोदी से मिलकर मनरेगा का सच उनके सामने रखूंगा। कहा कि उनके गांव में 167 मजदूरों को जॉब कार्ड मिला है। 38 मजदूरों को श्रम विभाग मे पंजीकरण कराकर वे साइकिल दिला चुके हैं। 20 और मजदूरों को साइकिल मिलने वाला है। बताया कि मनरेगा मजदूरों को काम न मिलना एक बड़ी समस्या है।
नागेपुर के आदर्श गांव बनने पर जताई खुशी आराजी लाइन ब्लाक के एक और गांव को प्रधानमंत्री द्वारा गोद लिए जाने की खबर से क्षेत्र के लोगों मे खुशी व्याप्त है। कई गांव के प्रधानों व लोगों का कहना है कि आराजी लाइन के लोगों के लिए यह गौरव की बात है।
जयापुर के प्रधान नारायण पटेल, नरसड़ा के अनूप सिंह, दिनदासपुर के जितेंद्र सिंह , कचनार के श्याम जी कहते है कि उन्हें खुशी है कि उनके विकास खंड के एक और गांव को प्रधानमंत्री ने गोद लेने का मन बनाया है। निश्चित ही जयापुर की तरह अब नागेपुर का भी कायाकल्प हो जाएगा।