{"_id":"5acdd41f4f1c1b693d8b474e","slug":"supreme-court-west-bangal-panchayat-election-bjp-trinmool-congress","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंगाल पंचायत चुनाव: बीजेपी को सुप्रीम कोर्ट से फिर लगा झटका","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
बंगाल पंचायत चुनाव: बीजेपी को सुप्रीम कोर्ट से फिर लगा झटका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Updated Wed, 11 Apr 2018 02:55 PM IST
विज्ञापन
trinmool congress
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीजेपी को एकबार फिर सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल पंचायत के नॉमिनेशन बढ़ाने की तारीख मामले में किसी भी तरह की सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी से कहा है कि वह कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की सलाह दी है।
इससे पहले राज्य चुनाव आयोग ने अगले महीने होने वाले पंचायत चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की बढ़ी समयसीमा वापस ले ली थी। वहीं आयोग के इस फैसले के खिलाफ भाजपा ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की। इस याचिका पर आज सुनवाई हुई जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
बता दें कि सोमवार को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख थी। राज्य निर्वाचन आयोग ने भी विपक्षी दलों की शिकायत के आधार पर इसकी समयसीमा एक दिन के लिए बढ़ा दी थी। लेकिन आयोग ने मंगलवार को अचानक अपने पहले के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें समयसीमा बढ़ाई गई थी। आयोग की ओर से जारी ताजा अधिसूचना में सुप्रीम कोर्ट में नामांकन की तारीख को आगे बढ़ाने के बारे में निर्देश नहीं दिया था।
विज्ञापन
बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा की दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई के बाद सोमवार को पंचायत चुनावों की प्रक्रिया में हस्तेक्षप करने से इनकार कर दिया था। उसने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को इस मसले पर राज्य चुनाव आयोग के समक्ष लिखित शिकायत करने के लिए कहा था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि चुनाव से संबंधित शिकायतों का निपटारा आयोग कानूनी तौर पर करेगा।
पश्चिम बंगाल भाजपा का आरोप है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के दबाव में समयसीमा बढ़ाने का आदेश वापस लिया है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने बताया कि आयोग द्वारा फैसला बदलने के कारण पार्टी के कई उम्मीदवार अपना नामांकन पत्र दाखिल नहीं कर सके हैं।
विज्ञापन
इससे पहले राज्य चुनाव आयोग ने अगले महीने होने वाले पंचायत चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की बढ़ी समयसीमा वापस ले ली थी। वहीं आयोग के इस फैसले के खिलाफ भाजपा ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की। इस याचिका पर आज सुनवाई हुई जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
विज्ञापन
बता दें कि सोमवार को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख थी। राज्य निर्वाचन आयोग ने भी विपक्षी दलों की शिकायत के आधार पर इसकी समयसीमा एक दिन के लिए बढ़ा दी थी। लेकिन आयोग ने मंगलवार को अचानक अपने पहले के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें समयसीमा बढ़ाई गई थी। आयोग की ओर से जारी ताजा अधिसूचना में सुप्रीम कोर्ट में नामांकन की तारीख को आगे बढ़ाने के बारे में निर्देश नहीं दिया था।
विज्ञापन
बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा की दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई के बाद सोमवार को पंचायत चुनावों की प्रक्रिया में हस्तेक्षप करने से इनकार कर दिया था। उसने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को इस मसले पर राज्य चुनाव आयोग के समक्ष लिखित शिकायत करने के लिए कहा था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि चुनाव से संबंधित शिकायतों का निपटारा आयोग कानूनी तौर पर करेगा।
पश्चिम बंगाल भाजपा का आरोप है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के दबाव में समयसीमा बढ़ाने का आदेश वापस लिया है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने बताया कि आयोग द्वारा फैसला बदलने के कारण पार्टी के कई उम्मीदवार अपना नामांकन पत्र दाखिल नहीं कर सके हैं।