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फैसला : चुनावी बॉन्ड पर सुप्रीम कोर्ट में निर्णय कल, चुनाव आयोग ने कहा- और अधिक पारदर्शिता की जरूरत

Thu, 25 Mar 2021 10:53 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Thu, 25 Mar 2021 10:53 PM IST
सार

  • चुनावी बांड की बिक्री पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट कल फैसला सुनाएगा
  • बुधवार को शीर्ष कोर्ट  में इस मामले की सुनवाई हुई और फैसला को सुरक्षित रख लिया गया  

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Supreme Court to pronounce its order on Friday on a plea seeking a stay on sale of fresh electoral bonds ahead of state assembly elections
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों से पहले नए चुनावी बांड की बिक्री पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट कल फैसला सुनाएगा। बता दें कि आज यानि बुधवार को शीर्ष कोर्ट  में इस मामले की सुनवाई हुई और फैसला को सुरक्षित रख लिया गया था। वहीं सुनवाई  के दौरान चुनाव आयोग (ईसी) ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह चुनावी बॉन्ड के माध्यम से राजनीतिक पार्टीयों में फंडिंग की मौजूदा प्रणाली का समर्थन करता है, लेकिन इस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना चाहेगा।

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चुनाव सुधार की दिशा में कार्य करने वाली गैर सरकारी संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) द्वारा दायर की गई याचिका पर मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और वी. रामासुब्रमण्यन ने सुनवाई की। बता दें इसी संबंध में एडीआर की एक और याचिका पहले से ही लंबित है। बुधवार को हुई मामले की सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग के वकील राकेश द्विवेदी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि चुनावी बॉन्ड को लेकर पारदर्शिता के गंभीर सवाल हैं, जिस पर बहस के दौरान विचार किया जा सकता है और इस पर कोई अंतरिम रोक नहीं लगाई जानी चाहिए।
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सुप्रीम कोर्ट ने 2018 के चुनावी बॉन्ड योजना पर केंद्र से मांगा था जवाब
आयोग ने कहा कि बॉन्ड पर रोक लगाना हमें बेहिसाब कैश ट्रांसफर वाले दौर में ले जाएगा, जिसके चलते और नुकसान होंगे। बता दें 20 जनवरी, 2020 को शीर्ष अदालत ने 2018 के चुनावी बॉन्ड योजना पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था और इसे लेकर केंद्र और चुनाव आयोग से जवाब मांगा था।
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चुनावी बॉन्ड का मकसद काले धन की व्यवस्था पर रोक लगाना है
इस पर सीजेआई ने कहा, ‘यदि आपकी बात सही है तो हमें पूरे कानून को ही रद्द करना पड़ेगा। यह काम अंतरिम आदेश के जरिये कैसे हो सकता है? इस पर भूषण ने कहा कि वह अगले चरण में चुनावी बॉन्ड की बिक्री पर रोक लगाने के लिए अंतरिम आदेश की मांग कर रहे हैं।


वहीं, केंद्र की ओर से पेश हुए अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि चुनाव आयोग ने बॉन्ड के बिक्री की इजाजत दी है। चुनावी बॉन्ड का मकसद काले धन की व्यवस्था पर रोक लगाना है, क्योंकि इसमें बैंकिंग चैनल का इस्तेमाल होता है। इस पर भूषण ने कहा कि चुनावी बॉन्ड खरीदने वाला व्यक्ति कैश के जरिये भी इसे खरीद सकता है।
 

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