फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court takes cognizance of the condition of cadets withdrawn from military training due to disability

SC: दिव्यांगता के चलते सैन्य प्रशिक्षण से हटे कैडेटों की हालत पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान, सुनवाई कल

Sun, 17 Aug 2025 01:36 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Sun, 17 Aug 2025 01:36 PM IST
सार

12 अगस्त को जारी एक मीडिया रिपोर्ट में कैडेटों का मुद्दा उठाया गया था। इन कैडेटों को प्रशिक्षण के दौरान दिव्यांग पाए जाने पर सैन्य संस्थानों ने चिकित्सा आधार पर छुट्टी दे दी थी। अब उनकी हालत पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। 

विज्ञापन
Supreme Court takes cognizance of the condition of cadets withdrawn from military training due to disability
सुप्रीम कोर्ट (फाइल) - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

दिव्यांगता के चलते सैन्य प्रशिक्षण से बाहर किए गए कैडेटों की मौजूदा हालत पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। इन कैडेटों को प्रशिक्षण के दौरान दिव्यांग पाए जाने पर सैन्य संस्थानों ने चिकित्सा आधार पर छुट्टी दे दी थी। सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ स्वत: संज्ञान याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगी।
विज्ञापन


12 अगस्त को जारी एक मीडिया रिपोर्ट में कैडेटों का मुद्दा उठाया गया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि कैडेट कभी राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) और भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) जैसे देश के शीर्ष सैन्य संस्थानों में प्रशिक्षण का हिस्सा थे। 1985 से अब तक लगभग 500 अधिकारी कैडेटों को प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न प्रकार की दिव्यांगता के कारण सैन्य संस्थानों से चिकित्सा आधार पर छुट्टी दे दी गई है।
विज्ञापन


रिपोर्ट में कहा गया है कि अकेले एनडीए में ही लगभग 20 ऐसे कैडेट हैं, जिन्हें 2021 से जुलाई 2025 के बीच केवल पांच वर्षों में चिकित्सा सेवा से छुट्टी दे दी गई। अब कैडेट को बढ़ते चिकित्सा बिलों का सामना करना पड़ रहा है। कैडेट को सेना की ओर से मासिक अनुग्रह राशि का भुगतान किया जा रहा है, लेकिन यह बहुत कम है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि सेना के नियमों के मुताबिक ये कैडेट पूर्व सैनिक (ईएसएम) का दर्जा पाने के हकदार नहीं हैं। इसलिए उनको पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) के तहत सैन्य सुविधाओं और सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त इलाज जैसी सुविधा का लाभ नहीं दिया जा सकता। क्योंकि उनकी विकलांगता अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त करने से पहले प्रशिक्षण के दौरान हुई थी।

रिपोर्ट में कहा गया था कि इस श्रेणी के सैनिकों के विपरीत कैडेटों को अब दिव्यांगता की सीमा के आधार पर 40,000 रुपये प्रति माह तक का अनुग्रह भुगतान मिलता है। जबकि यह राशि बुनियादी जरूरतों से बहुत कम है।

Trending Videos

झारखंड डीजीपी की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कल
झारखंड के पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई, न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ डीजीपी गुप्ता की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। मामले में झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी सहित कई लोगों ने याचिकाएं दायर की हैं। उन्होंने अनुराग गुप्ता की राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के रूप में नियुक्ति को चुनौती दी है। 24 जुलाई को शीर्ष अदालत एक सामाजिक कार्यकर्ता की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गई थी, जब वरिष्ठ अधिवक्ता अंजना प्रकाश ने कहा था कि गुप्ता के मामले में डीजीपी की नियुक्ति के लिए इस अदालत द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed