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'हमें हल्के में न लें': सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को लगाई फटकार, जल संकट संबंधी याचिका पर जताई नाराजगी

Mon, 10 Jun 2024 02:23 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Mon, 10 Jun 2024 02:23 PM IST
सार

दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की है कि हरियाणा सरकार को निर्देश दिए जाएं कि वह हिमाचल प्रदेश के मिले अतिरिक्त पानी को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए छोड़े ताकि दिल्ली में पानी के संकट से निपटा जा सके।  

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Supreme court slam delhi government for not rectifying defects in water scarcity plea says do not take us gran
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली सरकार को फटकार लगाई और जल संकट संबंधी याचिका में खामियों को ठीक न करने पर नाराजगी जताई। दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की है कि हरियाणा सरकार को निर्देश दिए जाएं कि वह हिमाचल प्रदेश के मिले अतिरिक्त पानी को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए छोड़े ताकि दिल्ली में पानी के संकट से निपटा जा सके।  
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रजिस्ट्री विभाग ने हलफनामा स्वीकार करने से किया इनकार
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस प्रसन्ना बी वाराले की अवकाश पीठ को सुनवाई के दौरान पता चला कि सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्री विभाग ने हलफनामा स्वीकार करने से इनकार कर दिया है क्योंकि दिल्ली सरकार ने अपनी याचिका में मौजूद खामियों को अभी तक दूर नहीं किया है। इस पर पीठ ने नाराजगी जताई और दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए कहा 'आपने अभी तक याचिका की खामियों को दूर नहीं किया है? हम आपकी याचिका को खारिज कर देंगे। पिछली सुनवाई में भी बताया गया था, लेकिन उसके बावजूद आपने गलतियों को ठीक नहीं किया। आप कोर्ट की कार्यवाही को हल्के में नहीं ले सकते फिर चाहे आपका मामला कितना भी जरूरी क्यों न हो।'
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सुप्रीम कोर्ट 12 जून को करेगा सुनवाई
'हमें हल्के में न लें। हम दाखिल किए गए दस्तावेजों को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। आप सीधे अदालत में कोई दस्तावेज सौंपते हैं और फिर आप कहते हैं कि आपको पानी की कमी है और आज ही आदेश पारित कर दें। आप जल्द कार्रवाई चाहते है, लेकिन खुद आराम से बैठे हैं। सबकुछ रिकॉर्ड पर आने दीजिए। हम परसों इस पर सुनवाई करेंगे।' सुप्रीम कोर्ट पीठ ने यह कहकर मामले की सुनवाई 12 जून तक टाल दी। पीठ ने ये भी कहा कि 'वह पहले मामले की फाइलें पढ़ना चाहते हैं क्योंकि अखबारों में इस मामले पर काफी कुछ लिखा जा रहा है। पीठ ने कहा कि अगर हम फाइलें नहीं पढ़ेंगे तो हम भी अखबारों में हो रही रिपोर्टिंग से प्रभावित हो सकते हैं। यह किसी भी पक्ष के लिए अच्छा नहीं है।'
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सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार को दिया है निर्देश
हरियाणा सरकार की ओर से सुनवाई के लिए पेश हुए वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने कोर्ट को हरियाणा सरकार के जवाब की जानकारी दी। इस पर कोर्ट ने पूछा कि वह अब क्यों जवाब दे रहे हैं। इस पर दीवान ने बताया कि दिल्ली सरकार ने अपनी याचिका में मौजूद खामियों को अभी तक ठीक नहीं किया है। ऐसे में कोर्ट के रजिस्ट्री विभाग ने हलफनामा स्वीकार नहीं किया है। जिसके बाद कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाई। दिल्ली में गर्मी के दिनों में जलसंकट अब आम हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों हिमाचल प्रदेश की सरकार को निर्देश दिया था कि वह 137 क्यूसेक अतिरिक्त पानी दिल्ली के लिए छोड़े। यह पानी हिमाचल से बहकर हरियाणा होते हुए दिल्ली पहुंचेगा। कोर्ट ने ये भी कहा कि पानी के मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। 
 
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