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गन्ना किसानों के 15683 करोड़ रुपये बकाए पर केंद्र, यूपी समेत 15 राज्यों को सुप्रीम कोर्ट ने भेजा नोटिस 

Sat, 13 Feb 2021 11:24 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Sat, 13 Feb 2021 11:24 AM IST
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Supreme Court sent a notice to 15 states with Center UP on dues of 15683 crore rupees for sugarcane farmers
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र समेत 15 गन्ना उत्पादक राज्यों को उस याचिका पर नोटिस जारी किया है जिसमें गन्ना किसानों को 15,683 करोड़ रुपये तत्काल जारी करने की अपील की गई है। याचिका में कहा गया है कि भुगतान में देरी के कारण खुदकुशी की घटनाएं होती है। 

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चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील संजय पारिख ने कहा कि 10 सितंबर 2020 तक देशभर के गन्ना किसानों का करीब 15,683 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें सबसे अधिक उत्तर प्रदेश में 10,174 करोड़ रुपये बकाया है।
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पारिख ने कहा कि यह पांच करोड़ किसानों की आजीविका का मामला है। इन किसानों का जीवनयापन गन्ना उत्पादन से होता है। भुगतान में देरी के कारण गन्ना किसान खुदकुशी के लिए मजबूर हो जाते हैं। 
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याचिका में न केवल किसानों को जल्द से जल्द भुगतान करने की मांग की गई है बल्कि यह भी कहा गया है कि अथॉरिटी को डिफॉल्टर शुगर मिल्स के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही ऐसी मिल के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के किसान लोकेश कुमार और नौ अन्य लोगों के द्वारा दायर याचिका में प्रतिवादियों की सूची में से कुछ निजी गन्ना मिल को हटाने के लिए कहा है। 


याचिका में विशेषज्ञों की एक कमेटी भी बनाने की मांग की गई है जो किसानों को रकम न मिलने की परेशानी का अध्ययन करेगी। कमेटी यह सुझाव देगी कि क्या तरीका अपनाया जाना चाहिए जिससे भविष्य में गन्ना किसानों को बकाया मिलने में किसी प्रकार की देरी न हो। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के अलावा उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, बिहार, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश आदि राज्यों को भी नोटिस जारी किया है। 

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