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सुप्रीम कोर्ट: ईडी कोलकाता में सांसद अभिषेक बनर्जी से सवाल क्यों नहीं कर सकता
Fri, 13 May 2022 03:56 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 13 May 2022 03:56 AM IST
सार
शीर्ष अदालत ने कहा, वह कोलकाता पुलिस को टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी से पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों को सभी सहायता प्रदान करने का निर्देश दे सकता है।
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अभिषेक बनर्जी
- फोटो : facebook.com/AbhishekBanerjeeOfficial
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी की याचिका पर सुनवाई के दौरान बृहस्पतिवार को पूछा आखिर ईडी कोलकाता में बनर्जी से पूछताछ क्यों नहीं कर सकता। शी
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शीर्ष अदालत ने कहा, वह कोलकाता पुलिस को टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी से पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों को सभी सहायता प्रदान करने का निर्देश दे सकता है। ईडी ने पूर्व में अन्य मामलों में सीबीआई के खिलाफ वहां किए गए प्रतिरोध की घटनाओं को देखते हुए आशंका जताई थी।
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जस्टिस यूयू ललित की तीन सदस्यीय पीठ ने ईडी का प्रतिनिधित्व कर रहे एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू से कहा, बनर्जी अब तक सिर्फ एक गवाह हैं, संभावित आरोपी नहीं हैं। उनसे कोलकाता में ही पूछताछ करने में क्या मुसीबत है। इस पर राजू ने कहा, बनर्जी एक प्रभावशाली राजनेता हैं। अदालत ने देखा है कि कोलकाता में केंद्रीय एजेंसियों के साथ कैसा व्यवहार किया गया था।
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सीबीआई अधिकारियों का घेराव किया गया था। राजू का इशारा उन घटनाओं की ओर था जब सीबीआई को सत्ताधारी पार्टी के नेताओं से पूछताछ के दौरान नारेबाजी का सामना करना पड़ा था। पीठ ने कहा, वह कोलकाता पुलिस को सभी सहायता प्रदान करने का आदेश दे सकती है और पश्चिम बंगाल सरकार को जवाबदेह ठहराएगी।
धारा 160 केवल पुलिस जांच पर लागू
याचिकाकर्ताओं के वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी, धारा-160 के तहत पुलिस को गवाहों से उनके निवास स्थान पर पूछताछ करनी चाहिए। उन्होंने कहा, मैं जांच के लिए मना नहीं कर रहा हूं। मैं कह रहा हूं कि कोलकाता आओ, वे चाहते हैं कि मैं दिल्ली आऊं। इस पर ईडी के वकील ने तर्क दिया, धारा-160 केवल पुलिस जांच पर लागू होती है और ईडी की जांच पीएमएलए की धारा-50 के तहत शासित होती है।
अब 17 को सुनवाई
पीठ ने कहा, ईडी यह नहीं कह रहा है कि बनर्जी और उनकी पत्नी को एक आरोपी के रूप में सम्मन जारी किया गया था। इस पर राजू ने कहा, वह इस पहलू पर निर्देश लाएंगे। जिसके बाद पीठ ने मामले को 17 मई के लिए स्थगित कर दिया। पीठ ने मौखिक रूप से कहा है कि इस बीच याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट बनर्जी और उनकी पत्नी की दिल्ली हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई कर रहा है। हाईकोर्ट ने कथित पश्चिम बंगाल कोयला घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले के संबंध में जारी ईडी के समन को दी गई चुनौती को खारिज कर दिया था।